छत्रपति शिवाजी की पुन्यतिथि पर शिव सेना (यू.बी.टी.) ने दी श्रद्धांजलि
छत्रपति शिवाजी की पुन्यतिथि पर शिव सेना (यू.बी.टी.) ने दी श्रद्धांजलि
सिटी प्रधान रमन शर्मा ने बताया शिवाजी मराठा का जीवन वृतांत
फगवाड़ा ( डा रमन / हरदयाल सिंह संधू ) शिव सेना (यूबीटी) की फगवाड़ा शाखा ने पंजाब प्रमुख योगराज शर्मा के निर्देशानुसार आज मराठा शासक छत्रपति शिवाजी महाराज की पुण्य तिथि के अवसर पर उनकी तस्वीर के समक्ष पुष्पांजलि अर्पित करते हुए नमन किया। इस दौरान शिव सेना के सिटी प्रधान रमन शर्मा ने बताया कि स्व. बाला साहिब ठाकरे ने शिव सेना का नामकरण मराठा योद्धा छत्रपति शिवा जी के नाम पर ही किया था। शिव सेनिकों में उन्हीं के जीवन से प्रेरणा लेकर राष्ट्र के लिये सर्वस्व न्यौछावर करने का जज्बा कूट-कूट कर भरा हुआ है। उन्होंने छत्रपति शिवा जी के जीवन पर प्रकाश डालते हुए बताया कि छत्रपति शिवाजी भारत के एक महान शासक एवं रणनीतिकार थे। जिन्होंने 1674 ई. में पश्चिम भारत में मराठा साम्राज्य की नींव रखी। इसके लिए उन्होंने मुगल साम्राज्य के क्रूर शासक औरंगकोब से संघर्ष किया। सन् 1674 में रायगढ़ में उनका राज्याभिषेक हुआ और वे छत्रपति बने। छत्रपति शिवाजी के जीवन काल में मुगल शासक पश्चिमी भारत पर कब्जा नहीं कर सके थे बल्कि शिवाजी ने अपने राज्य की सीमाओं का काफी विस्तार करके भगवा ध्वज लहराया था। उनकी मृत्यु 3 अप्रैल 1680 को विष देने से हुई थी। शिव सेनिकों ने प्रण लिया कि वे राष्ट्रीय प्रमुख उद्धव बाला साहिब ठाकरे के नेतृत्व में छत्रपति शिवाजी से प्रेरणा लेकर देश का गौरव बढ़ाते रहेंगे। श्रद्धा सुमन अर्पित करने वालों में युवा सेना के पंजाब उप प्रधान रुपेश धीर, सरबजीत संधू, नीरज गुप्ता, मनोज मिश्रा, विजय कुमार आदि उपस्थित थे

