कोविशील्‍ड की दो खुराक के बीच के अंतर को कम करने पर किया जा रहा विचार, जल्‍द आ सकता है बड़ा फैसला

नई दिल्‍ली । देश में कोविशील्‍ड वैक्‍सीन की दो खुराक के बीच के अंतर को कम करने पर विचार किया जा रहा है। सरकार के सूत्रों ने गुरुवार को यह जानकारी दी। उन्‍होंने बताया कि भारत में टीकाकरण पर राष्ट्रीय तकनीकी सलाहकार समूह में जल्‍द ही इस मसले पर चर्चा की जाएगी। मालूम हो कि देश में कोविशील्ड के टीकाकरण की शुरुआत में दो टीकों के बीच अंतर को चार से छह हफ्ते रखा गया था। बाद में इस अंतर को चार से आठ हफ्ते तक बढ़ाया गया। आगे फिर 12 से 16 हफ्ते तक किया गया।

गैप को बढ़ाए जाने के पीछे सरकार का कहना था कि उक्‍त फैसला कोविशील्ड वैक्सीन के ज्यादा प्रभावी होने के चलते लिया गया था। विशेषज्ञों के हवाले से सरकार का कहना था कि दोनों डोज के बीच गैप ज्यादा रखने से कोरोना के खिलाफ लड़ने वाली एंटीबॉडीज ज्यादा जनरेट होती है।

मालूम हो कि भारत में कोविशील्‍ड वैक्‍सीन का उत्‍पादन सीरम इंस्‍टीट्यूट आफ इंडिया कर रही है। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि सीरम इंस्टीट्यूट आफ इंडिया (Serum Institute of India, SII) ने केंद्र सरकार को सूचित किया है कि वह सितंबर में भारत सरकार और निजी अस्पतालों को कोविशील्ड की लगभग 20 करोड़ खुराक की आपूर्ति करने में सक्षम हो जाएगी। पुणे स्थित सीरम इंस्टीट्यूट आफ इंडिया ने अगस्त में कोविशील्‍ड की 12 करोड़ खुराक की आपूर्ति कर दी है। एसआईआई में निदेशक प्रकाश कुमार सिंह ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय को बताया है कि फर्म ने अपनी उत्पादन क्षमता को बड़ी तेजी से बढ़ाया है।

वहीं केंद्र सरकार ने अपनी ताजा प्रेस ब्रिफिंग में कहा है कि अब तक देशभर में 46.69 करोड़ लोगों को कोविड वैक्सीन की पहली खुराक दी है। देश में कुल 60 करोड़ से ज़्यादा डोज लगाई जा चुकी हैं। 13.70 करोड़ लोगों को दूसरी डोज भी दी जा चुकी है। टीकाकरण की तेज रफ्तार का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि बीते 24 घंटों में 80 लाख डोज दी हैं। केंद्रीय स्‍वास्‍थ्‍य मंत्रालय के मुताबिक देश में पिछले 24 घंटे में कोरोना के 46 हजार नए मामले सामने आए। इनमें से 58 फीसद केस अकेले केरल से आए

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