चंडीगढ़ डड्डूमाजरा के डंपिंग ग्राउंड में कूड़े का पहाड़ कम करने और प्रोसेस करने का काम 34 करोड़ रुपये में चल रहा है। बावजूद इसके कूड़े का पहाड़ कम होने के बजाए बढ़ता जा रहा है। इसे कम करने और नया गारबेज प्लांट लगाना नई निगम कमिश्नर आनंदिता मित्रा के लिए भी एक बड़ी चुनौती साबित होगा। गारबेज प्लांट में मुश्किल से 100 टन कचरा ही प्रोसेस हो पा रहा है जबकि प्रतिदिन 500 टन कचरा निकल रहा है। ऐसे डंपिंग ग्राउंड में कचरे का नया पहाड़ बन रहा है। इसे दूर करना नई कमिश्नर के लिए बड़ी चुनौती है भाजपा ने शहरवासियों को डपिंग ग्राउंड से मुक्ति दिलवाने का भी वादा किया हुआ है।

इसके साथ ही, स्वच्छता रैकिंग में लगातार चंडीगढ़ गिरता जा रहा है। नई रैकिंग का परिणाम अगले माह आने की उम्मीद है। रैकिंग सुधारना नई कमिश्नर को लिए एक बड़ी चुनौती रहेगी। इस समय नगर निगम में पार्षदों में भारी गुटबाजी है, उनका अक्सर अधिकारियों के साथ टकराव रहता है। ऐस में कमिश्नर को अहम भूमिका निभानी होगी। नए टैक्स न लगाकर और पानी के हर साल के एक अरब का घाटे की हालत में नगर निगम के विकास कार्य करवाना भी नई कमिश्नर के लिए बड़ा इम्तिहान होगा।

कमिश्नर ने ज्वाइन करने से पहले चंडीगढ़ की समस्याओं को अच्छी तरह से स्टडी किया है। इसलिए उन्हें हर समस्या और मुद्दे की जानकारी है। आनंदिता मित्रा ने पद संभालते ही शहर की सभी प्रमुख समस्याओं को अपनी प्राथमिकता बताया। प्राथमिकताओं से शहरवासियों की उम्मीद और जग गई है। 31 अगस्त को पहली बार सदन की बैठक में वह शामिल होंगी। इसमें वह पार्षदों को अपने विजन से अवगत करवाएंगी। अनिन्दिता मित्रा कहना है कि लोगों की इच्छाओं को पूरा करने के साथ-साथ चंडीगढ़ शहर को ख़ूबसूरत बनाने और स्वच्छता रैंकिंग में पहले स्थान पर लाना, उनकी प्रमुख प्राथमिकता रहेगी।

मित्रा ने कहा कि हमारा मुख्य उद्देश्य लोगों को साफ, प्रभावशाली, कुशल, पारदर्शी और नागरिक केंद्रित प्रशासन मुहैया कराना होगा। उन्होंने कहा कि शहर को साफ, हरा-भरा और प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए प्रौद्यौगिकी का अधिक से अधिक प्रयोग किया जाएगा। नगर निगम कमिशनर ने यह भी कहा कि वैज्ञानिक ढंगों से कूड़े के उचित प्रबंधन को यकीनी बनाने के लिए भी यत्न किये जाएंगे जिससे लोगों को बड़ी राहत मिलेगी।

2007 बैच की आईएएस अधिकारी अनिंदिता मित्रा शहीद भगत सिंह नगर और होशियारपुर जैसे महत्वपूर्ण जिलों की डिप्टी कमिश्नर रही हैं। वह दो बार सूचना एवं लोक संपर्क विभाग, पंजाब की डायरेक्टर भी रहीं। उन्होंने गुरु नानक देव जी के 550वें प्रकाश पर्व के आयोजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। उन्होंने खाद्य और सिविल सप्लाई विभाग में निदेशक के रूप में सबसे लंबे समय तक सेवाएं दी। इस दौरान ट्रांसपोर्ट यूनियनें भंग करना और लगातार चार सालों के अपने सेवा काल में निर्विघ्न और उचित खरीद प्रबंधों को यकीनी बनाने में अहम भूमिका निभाई। कोविड के संकटकालीन दौर में अनाज की खरीद और सरकार का सही अक्स उभारने में उनकी तरफ से किए प्रयत्नों की सब तरफ से सराहना हुई