सूरज तथा मलकीत ने बाबा बालक जी की जन्मस्थली के किए दर्शन


गुजरात स्थित काठियाबाद में स्थित है बाबा जी की जन्मस्थली
अमित नागपाल
जालंधर : बाबा बालकनाथ जी ने गुजरात, काठियाबाद में “देव” के नाम से जन्म लिया। उनकी माता का नाम लक्ष्मी और पिता का नाम वैष्णो वैश था, बचपन से ही बाबाजी ‘आध्यात्म’ में लीन रहते थे। बाबा बालक नाथ जी को शिव का अवतार माना जाता है, लेकिन पंजाब से दूर होने की वजह से पंजाब से संगत कम ही वहां जा पाती है परंतु बाबा जी के भक्त हिमाचल प्रदेश में स्थित दियोट सिद्ध गुफा में जा कर नतमस्तक होकर बाबाजी का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं।
जालंधर से बाबा बालक नाथ जी के अन्नय भक्त सूरज तथा मलकीत ने बाबा जी की जन्मस्थली पर जाकर श्रद्धा पूर्वक नतमस्तक होकर बाबा बालक नाथ जी को नमन किया।
उन्होंने वापिस जालंधर आकर बताया कि जूनागढ़ में बाबा बालक नाथ जी का प्राचीन मंदिर गिर्नार पर्वत पर स्थित है जिस में माथा टेकने के लिए करीब 10 हजार सीढियां चढ़ना पड़ता है। यात्रा बहुत ज्यादा कठिन होने के बावजूद भी बाबा जी के भक्त देश विदेश से यहां आते हैं हालांकि जानकारी के अभाव में कम ही लोग यहां आते हैं। सूरज तथा मलकीत ने बताया कि पास ही बाबा बालक नाथ जी के गुरु दत्तात्रेय जी का विशाल मंदिर बना हुआ है मान्यता के अनुसार गुरु दत्तात्रेय जी बाबा जी के अध्यात्मिक गुरु थे ।आज जिस जगह मन्दिर बना हुआ है यह वही स्थान है यहां गुरु दत्तात्रेय जी ने बाबा बालक नाथ जी को अध्यात्म का पाठ पढ़ाया था।

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