BIG BREAKING : आगामी 10 दिन बाद सामने आएगी रुस की बनी कोरोना वैक्सीन, रूसी अधिकारियों का दावा

दुनियाभर में कोरोना वायरस ने कहर मचा रखा है। कोरोना का दूसरा नाम मौत समझी जा रहा है। अभी तक इस बीमारी की कोई दवाई नहीं बनी है। पुरी दुनिया इस उम्मीद में बैठी थी कि ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी और एस्ट्राजेनेका की वैक्सीन सबसे पहले मार्केट में आ जाएगी। लेकिन, अब रूस ने घोषणा की है कि उसकी वैक्सीन आगामी 10 से 12 अगस्त के बीच रजिस्टर हो जाएगी, यानी उसे अप्रूवल मिल जाएगा। वहीं अमेरिका का President डोनालड ट्रंप भी 15 दिनों में बड़ी खुशखबरी देने की बात कह चुके है। रुस की घोषणा सुनते ही भारत समेत यह सुनते ही भारत, सऊदी अरब, ब्राजील, समेत 20 देशों ने रूसी वैक्सीन में रुचि दिखाई है। आइये जानते हैं इसके बारे में अमेरिकी और यूरोपीय वैज्ञानिकों की आंखों में संदेह भी दिखने लगे। क्या है रूस का वैक्सीन और यह किस तरह सेफ और इफेक्टिव साबित होगी? 
बताया गया है कि इस वैक्सीन का नाम है Gam-Covid-Vac Lyo और इसे मॉस्को स्थित रूसी स्वास्थ्य मंत्रालय से जुड़ी एक संस्था गेमालेया रिसर्च इंस्टीट्यूट ने बनाया है।


रूस के इंस्टीट्यूट ने जून में दावा किया था कि वैक्सीन तैयार कर ली गई है। फेज-1 ट्रायल शुरू कर दिए गए हैं। यह भी खबरें आई थी कि रूस की कई बड़ी हस्तियों को यह वैक्सीन लगाई जा रही है। रूसी वैक्सीन में ह्यूमन एडेनोवायरस वेक्टर का इस्तेमाल किया गया है। उन्हें कमजोर किया गया है ताकि वे शरीर में विकसित न हो सके और शरीर को सुरक्षित रख सके। इस समय सभी देशों में विकसित की जा रही ज्यादातर वैक्सीन एक वेक्टर पर निर्भर है जबकि यह दो वेक्टर पर निर्भर है। मरीजों को दूसरा बूस्टर शॉट भी लगाना होगा। रूसी वैज्ञानिकों का दावा है कि उन्होंने अन्य रोगों से लडऩे के लिए बनाए गए वैक्सीन को ही उन्होंने मोडिफाई किया है और इससे यह जल्दी बन गया। वैसे, अन्य देशों और अन्य कंपनियों ने भी इसी तरीक पर काम किया हैै।

अमेरिकी कंपनी मॉडर्ना ने मर्स नामक एक संबंधित वायरस के वैक्सीन में ही कुछ बदलाव किया है। इससे वैक्सीन तैयार करने की पूरी प्रक्रिया तेज हो गई है, लेकिन यूएस और यूरोपीय रेगुलेटर इस वैक्सीन की सेफ्टी और इफेक्टिवनेस पर पूरी तरह से अपनी नजरें गढ़ाए हुए हैं। रूस की डिप्टी प्राइम मिनिस्टर तात्याना गोलिकोवा ने कहा कि यह वैक्सीन अगस्त में रजिस्टर हो जाएगी। सितंबर में इसकी मास प्रोडक्शन भी शुरू हो जाएगी। गत दिोन खत्म हुए जुलाई महीने के आखिरी सप्ताह में रूसी स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि गेमालेया ने वैक्सीन के क्लिनिकल ट्रायल्स खत्म कर लिए हैं। रजिस्ट्रेशन के लिए कागजी कार्रवाई की जा रही है। CNN की एक रिपोर्ट में रूसी अधिकारियों के हवाले से दावा किया गया है कि भारत, ब्राजील, सऊदी अरब समेत 20 से ज्यादा देशों ने इस वैक्सीन में रुचि दिखाई है।

अधिकारियों ने CNN से यह भी कहा कि 12 अगस्त वैक्सीन की डेडलाइन है। रेगुलेटर पब्लिक यूज के लिए मंजूरी दे देगा। उसके बाद स्वास्थ्य कर्मचारियों पर इसका इस्तेमाल होगा। रूसी स्वास्थ्य मंत्री ने शनिवार को कहा कि अक्टूबर में मास वैक्सीनेशन कैंपेन शुरू किया जाएगा। डॉक्टरों और टीचर्स से इसकी शुरुआत होगी। ब्रिटेन समेत यूरोपीय देशों व अमेरिका के कुछ एक्सपट्र्स को रूस की तेजी से परेशानी है। वे इसकी सेफ्टी और इफेक्टिवनेस पर सवाल उठा रहे हैं। रूसी सैनिकों को ह्यूमन ट्रायल्स के लिए वॉलेंटियर बनाया गया है। प्रोजेक्ट डायरेक्टर एलेक्जेंडर गिन्सबर्ग ने कहा कि उन्होंने खुद पर भी वैक्सीन को आजमाया है।

रूसी अधिकारियों का यह भी दावा है कि वैक्सीन बनाने के लिए फास्ट-ट्रैक प्रक्रिया की इजाजत ली गई है। वैश्विक महामारी के जल्द से जल्द हल के लिए ऐसा किया गया। रूसी अधिकारियों का यह भी कहना है कि अगस्त के शुरुआती हफ्तों में ह्यूमन ट्रायल्स के डेटा को पीयर रिव्यू और पब्लिकेशन के लिए उपलब्ध कराया जाएगा। रुसी अधिकारियों का कहना है कि रूस ने इबोला और मर्स वैक्सीन में श्रेष्ठता साबित की। अब दुनिया की सबसे बड़ी समस्या कोरोना वायरस से निपटने के लिए पहला सेफ और इफेक्टिव वैक्सीन लाई जा रही है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के वैक्सीन ट्रैकर के मुताबिक इस समय दुनियाभर में 165 से अधिक वैक्सीन विकसित की जा रही हैं।

इस के साथ ही भारत में भी कोरोना के दो वैक्सीन बहुत तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। भारत बायोटेक ने आईसीएमआर के साथ मिलकर कोवैक्सिन विकसित की है। जिसके ह्यूमन ट्रायल्स पिछले महीने शुरू हुए हैं। फेज-1 और फेज-2 ट्रायल्स साथ हो रहे हैं। इससे इस साल के अंत तक यह वैक्सीन मार्केट में आने की उम्मीद है। अहमदाबाद की फार्मा कंपनी जायडस कैडिला ने भी वैक्सीन बनाई है। यह स्वदेशी वैक्सीन अगले साल की शुरुआत में लॉन्च हो जाएगी। अब देखना ये है कि रुसका ये दावा किस हद तक सही साबित होता है और उसकी वैक्सीन अगर दुनियां को महामारी से बचा सकती है तो ये रुस की एक बड़ी सफलता होगी और वह खुद को सबित कर दिखाएगा।

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

www.primepunjab,com

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

Keywords : Corona vaccinne, Russia,USA,,Corona Virus,Covaccine,Covid-19, Gam-Covid-Vac Lyo

61 Views