लुधियाना। मानसून सीजन शुरू होने से पहले नगर निगम शहर में जर्जर इमारतों का सर्वे कर उनके मालिकों को डेमोलेशन नोटिस थमाता है। ऐसा निगम आज से नहीं बल्कि कई सालों से करता आ रहा है लेकिन निगम आज तक एक भी इमारत नहीं गिरवाई। जिसकी वजह से जर्जर इमारतें अब खुद बिखरने लगी हैं। एक सप्ताह में शहर में तीन जर्जर इमारतें गिर चुकी हैं जबकि कई अभी गिरने की कगार पर हैं।

इंडस्ट्रियल एरिया व नीम चौक के बाद चाैड़ा बाजार में भी एक इमारत का कुछ हिस्सा गिर गया है जिसके बाद निगम ने इसे सील कर दिया। निगम अफसरों ने मकान मालिक को सख्त हिदायतें दी हैं कि जल्दी से जल्दी इस इमारत को गिराया जाए क्योंकि यह अब जानलेवा हो चुकी है। वहीं मालिक का कहना है कि केस अदालत में होने के कारण इस इमारत को गिराना संभव नहीं है। उन्होंने तो अदालत से भी इसे गिराने की अनुमति मांगी है। चौड़ा बाजार में पुरानी कोतवाली के पास एक इमारत बहुत पुरानी है। इमारत में कुछ दुकानें हैं जिनके साथ मकान मालिक का केस चल रहा है। इमारत बहुत पुरानी है और इसके कई साल पहले अनसेफ घोषित करके खाली करने को कहा गया है। लेकिन मामला अदालत में होने के कारण गिराया नहीं जा सका।

अब इमारत का एक हिस्सा टूटने लगा है जोकि जानलेवा हो सकता है। ऐसे में नगर निगम ने रविवार को इमारत सील कर दी। नगर निगम जोन ए बिल्डिंग ब्रांच के अफसरों का कहना है कि कई बार नोटिस देने के बाद भी यह इमारत नहीं गिराई गई। उन्हें जैसे ही सूचना मिली कि इमारत का एक हिस्सा गिरने लगा है तो उन्होंने तुरंत इमारत को सील कर दिया। वहीं नीम चौक व इंडस्ट्रियल एरिया ए में टूटी पुरानी इमारतों को गिराने का काम जारी है। नगर निगम अब शहर की अन्य जर्जर इमारतों को भी सील करने की प्रक्रिया शुरू कर रहा है।

अदालती मामले आ रहे हैं आड़े

ज्यादातर जर्जर इमारतें पुराने शहर में हैं। पुराने शहर में इन जर्जर इमारतों में या तो लोगों की दुकानें हैं या फिर गोदाम बने हैं। किराएदार इन गोदामों और दुकानों को खाली करने के लिए तैयार नहीं हैं। इनमें से ज्यादातर मकानों के केस अदालत में चल रहे हैं। अदालत में केस चलने के कारण मकानमालिक इन्हें गिरा नहीं सकता है। जिन मकान मालिकों को निगम ने डेमोलेशन नोटिस जारी किए हैं उनमें से ज्यादातर ने निगम को अदालती केस होने की सूचना दे दी है।