चंडीगढ़ । : पंजाब में कांग्रेस को और गतिशील करने के लिए पार्टी ने बडा़ कदम उठाया है। पंजाब कांग्रेस के अध्‍यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू ने अपने चार सलाहकार नियुक्‍त किए हैं। नवजोत सिं‍ह सिद्धू काे पिछले दिनों पंजाब कांग्रेस का अध्‍यक्ष बनाया गया था। इसके साथ ही पंजाब कांग्रेस के चार कार्यकारी अध्‍यक्ष भी बनाए गए थे। माना जा रहा है कि सिद्धू इस कदम से सीएम कैप्‍टन अमरिंदर सिंह के लिए नई चुनौती पैदा करना चाहते हैं।

नवजोत सिंह सिद्धू ने आज अपने सलाहकार नियुक्‍त करने का पत्र जारी किया। सिद्धू ने सांसद डा. अमर सिंह , पंजाब के पूर्व डीजीपी मोहम्‍मद मुस्‍तफा , मा‍लविंदर सिंह माली और डा. प्‍यारेलाल गर्ग को अपना सलाहकार नियुक्‍त किया है।

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नवजोत सिद्धू ने पंजाब कांग्रेस के इतिहास में पहली बार अपने साथ चार सलाहकार नियुक्त कर लिए हैं । सिद्धू के इस फैसले को मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के लिए एक चुनौती देने के रूप में देखा जा रहा है क्योंकि आज तक कांग्रेस ने कभी इस तरह के सलाहकारों की नियुक्ति नहीं की है। सवाल खड़ा हो गया है कि क्या सिद़धू कैप्टन सरकार के खिलाफ एक समानांतर सरकार चलाना चाह रहे हैं।

बता दें कि कांग्रेस हाईकमान ने पिछले महीने नवजोत सिंह सिद्धू को पंजाब कांग्रेस अध्‍यक्ष बनाने के साथ ही चार कार्यकारी अध्‍यक्ष भी बनाए थे। ये कार्यकारी अध्‍यक्ष हैं – संगत सिंह गिलजियां, सुखजिंदर सिंह डैनी , पवन गाेयल और कुलजीत सिंह नागरा।

पंजाब कांग्रेस अध्‍यक्ष बनने के बाद से नवजोत सिंह सिद्धू पूरे राज्‍य में पूरी तरह सक्रिय हैं। सिद्धू राज्‍य का दौरा कर कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं से मिल रहे हैं। उन्‍होंने अलग – अलग वर्ग के विधायकों के साथ भी बैठकें की हैं। अब अपने सलाहकार नियुक्‍त कर उन्‍होंने पार्टी को और गतिशील बनाने का इरादा जाहिर करने के साथ सभी वर्गों को अपने और कांग्रेस के साथ जोड़ने की रणनीति को जाहिर कर दिया है।

सिद्धू ने यह कदम उस समय उठाया है जब मुख्‍यमंत्री कैप्‍टन अमरिंदर सिंह दिल्‍ली दौरे पर हैं। इसके साथ ही यह भी उल्‍लेखनीय है कि सिद्धू राज्‍य के दौरे के दौरान कैप्‍टन अमरिंदर सिंह के नेतृत्‍व वाली अपनी ही पार्टी की सरकार पर हमला करने से बाज नहीं आ रहे हैं। दूसरी ओर , संकेत है कि कैप्‍टन अमरिंदर  सिंह को कैबिनेट में फेरबदल  के लिए पार्टी की अंतरिम अध्‍यक्ष सोनिया गांधी की मंजूरी मिल गई है। ऐसे में राज्‍य कैबिनेट में अब जल्‍द बदलाव होगा। कुछ वरिष्‍ठ मंत्रियों का पत्‍ता कटने और नए चेहरों को कैबिनेट में शामिल किए जाने की संभावना है।