जालंधर: बिजली की कमी के कारण मची हाहाकार, 10 हजार के पार पहुंची शिकायतें

2 दिनों से बिजली की किल्लत से जूझ रहे घरेलू उपभोक्ताओं को 24 घंटे निर्विघ्न सप्लाई देने के आदेश जारी हो चुके हैं जिसके चलते वीरवार को कोई कट नहीं लगाया गया। चुनावी वर्ष को मद्देनजर रखते हुए कैप्टन सरकार द्वारा इंडस्ट्री की बिजली काटकर आम जनता को राहत दी गई है लेकिन इस चक्कर में उसने उद्योग जगत को नाराज कर दिया है।आज भले ही कोई बिजली कट नहीं लगाया गया लेकिन नॉर्थ जोन में बिजली की शिकायतों का आंकड़ा 10 हजार से पार पहुंच गया। अगले 3 दिनों के लिए जारी आदेशों के मुताबिक रविवार तक उद्योगों को 10 प्रतिशत बिजली ही मिल पाएगी।सरकार द्वारा बिजली को बचाने के लिए सरकारी दफ्तरों में एसी इत्यादि न चलाने के आदेश जारी कर दिए गए लेकिन शहर में कई स्थानों पर देखने में आया कि स्ट्रीट लाइटें चल रही थी। बिजली की किल्लत के बावजूद सुबह के समय चल रही इन लाइटों की वजह से सरकार की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लगता है। वहीं, शिकायत केन्द्रों की बात की जाए तो अधिक शिकायत केन्द्रों में कर्मचारी नदारद रहे। अधिकारियों का कहना था कि स्टाफ कम है जिसके चलते कर्मचारी शिकायतें निपटाने के लिए फील्ड में होंगे। उपभोक्ताओं का कहना है कि विभाग के 1912 नंबर पर संपर्क नहीं होता, इसके चलते उन्हें शिकायत केन्द्रों में जाना पड़ता है। उन्होंने कहा कि पंजाब में सबसे मंहगी बिजली मिल रही है लेकिन उपभोक्ताओं को सुविधाओं को नाम पर ठेंगा दिखाया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि नई प्राप्त हुई हिदायतों के मुताबिक सरकारी दफ्तर सुबह 8 बजे खोलने के आदेश दिए गए हैं ताकि बिजली की बचत की जा सके।

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