अगर आप पैसा निकालने बैंक जा रहे हैं तो पहले यह जान लें, आज और कल बंद रहेंगी बैंकिंग सेवाएं, जानिए क्यों?

  • बैंकों के निजीकरण के खिलाफ 10 लाख से अधिक कर्मचारी रहेंगे हड़ताल पर
  • सार्वजनिक क्षेत्र के नौ बैंक यूनियनों ने मिलकर हड़ताल का किया है फैसला
  • अतिरिक्त मुख्य श्रम आयुक्त के साथ बैंक यूनियनों की बैठकें रहीं बेनतीजा

अगर आपने बैंक से जुड़ी हुई जरूरी काम अभी तक नहीं निपटाया है और यह सोच रहे हों कि आज उस काम को पूरा कर लेंगे, तो फिलहाल आप इसे टाल दें, क्योंकि आज और कल यानी सोम और मंगलवार को देश के तमाम बैंक बंद रहेंगे. इसका सबसे बड़ा कारण यह है कि सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों का मोदी सरकार की ओर से किए जा रहे निजीकरण के खिलाफ देश के बैंक कर्मचारियों ने हड़ताल करने का फैसला किया है.

बता दें कि सरकार के प्रस्तावित निजीकरण के विरोध में कर्मचारी संगठनों के राष्ट्रव्यापी हड़ताल के चलते सोमवार और मंगलवार को देश भर में बैकिंग सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं. हड़ताल के कारण जमा और निकासी, चेक क्लीयरेंस और ऋण स्वीकृति जैसी सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं. नौ यूनियनों के सम्मिलित संगठन यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंकिंग यूनियन ने एक बयान में दावा किया है कि बैंकों के लगभग 10 लाख कर्मचारी और अधिकारी हड़ताल में भाग लेंगे.

भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) सहित कई सरकारी बैंकों ने अपने ग्राहकों को सूचित किया है कि यदि हड़ताल होती है, तो उनका सामान्य कामकाज शाखाओं और कार्यालयों में प्रभावित हो सकता है. बैंकों ने यह भी बताया कि वे बैंक शाखाओं और कार्यालयों के सुचारू रूप से संचालन के लिए आवश्यक कदम उठा रहे हैं. पिछले महीने पेश किये गये केंद्रीय बजट में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सरकार के विनिवेश कार्यक्रम के तहत अगले वित्त वर्ष में सार्वजनिक क्षेत्र के दो बैंकों के निजीकरण की घोषणा की थी.

अखिल भारतीय बैंक कर्मचारी संघ (एआईबीईए) के महासचिव सीएच वेंकटचलम ने कहा कि 4, 9 और 10 मार्च को अतिरिक्त मुख्य श्रम आयुक्त के साथ हुई बैठकें बेनतीजा रहीं. इसलिए अब हड़ताल होगी. यूएफबीयू के सदस्यों में ऑल इंडिया बैंक एम्प्लाइज एसोसिएशन (एआईबीईए), ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर्स कन्फेडरेशन (एआईबीओसी), नेशनल कॉन्फेडरेशन ऑफ बैंक इम्प्लॉइज (एनसीबीई), ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर्स एसोसिएशन (एआईबीओए) और बैंक इम्प्लॉइज कन्फेडरेशन ऑफ इंडिया (बीईसीआई) आदि शामिल हैं.

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