टूलकिट मामले पर विदेश मंत्री की दो टूक: ‘कुछ लोग कर रहे फिजूल की टिप्पणियां’

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने शनिवार को कहा कि टूलकिट मामले से कई खुलासे हुए हैं। उन्होंने इस मामले में कुछ हस्तियों की टिप्पणी को गैर जिम्मेदाराना और अनुचित बताया है। उन्होंने कहा कि कुछ लोग इस बारे में फिजूल की टिप्पणियां कर रहे हैं। जबकि उनका किसानों के आंदोलन या किसान संगठनों से कोई नाता नहीं है। यहां तक कि ऐसे लोग ये भी नहीं जानते कि वे जिस बारे में बोल रहे हैं आखिर वह मामला है क्या।

उन्होंने कहा कि टूलकिट मामले से काफी कुछ सामने आ गया है और आगे भी बहुत कुछ पुलिस की जांच में सामने आ जाएगा। उन्होंने कहा कि मुझे लगता है कि इस मामले ने बहुत सी बातों का खुलासा कर दिया है। हमें बस थोड़ा इंतजार करना होगा और देखना होगा कि और क्या कुछ सामने आता है। आप देख सकते हैं कि कई शख्सियतों के बयानों पर विदेश मंत्रालय ने कैसे प्रतिक्रिया दी, इसकी वजह यह थी कि वे लोग जानते ही नहीं वे किस बारे में बोल रहे हैं।

बता दें कि विदेश मंत्रालय ने इस हफ्ते की शुरूआत में ही अपने बयान में कहा था कि नए कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों के विरोध को भारत के लोकतांत्रिक लोकाचार, राजनीति और सरकार और किसान समूहों के गतिरोध को हल करने के प्रयासों के संदर्भ में देखा जाना चाहिए। ऐसे मामलों पर टिप्पणी करने से पहले, हम आग्रह करेंगे कि तथ्यों का पता लगाएं और मुद्दों को पहले उचित ढंग से समझा जाए। सनसनीखेज सोशल मीडिया हैशटैग और टिप्पणियों खासकर जो मशहूर हस्तियों और अन्य लोगों द्वारा पोस्ट किया गया हो के प्रभाव में ना आएं। क्योंकि वह न तो सटीक है और न ही जिम्मेदार।

बता दें कि दिल्ली पुलिस ने शुक्रवार को गूगल को एक पत्र लिखा था। इस पत्र में गूगल से टूलकिट अपलोड करने से जुड़ी जानकारी साझा करने के लिए कहा गया है। पुलिस गूगल से जानना चाहा है कि यह टूलकिट किसने बनाई और किस कंप्यूटर से सबसे पहले सोशल मीडिया पर अपलोड हुई है।

पुलिस ने टूलकिट मामले में एफआईआर भी दर्ज कर ली है। हालांकि इसमें किसी का नाम नहीं लिखा गया है, बल्कि अज्ञात लोगों को आरोपी बनाया गया है। दिल्ली पुलिस के विशेष आयुक्त परवीर रंजन ने बताया कि उन्होंने ऐसे 300 अकाउंट की पहचान की है जो भारत सरकार के प्रति असंतोष और दुष्प्रचार फैलाना चाहते हैं।

 

31 Views