बिजली क्षेत्र में चीन की अवैध मुनाफाखोरी के चलते हो रहे हैं पाकिस्तान में ब्लैकआउट, कमेटी ने किए चौंकाने वाले खुलासे
पेशावर । चीन ने पाकिस्तान के पॉवर सेक्टर में अरबों रुपए का निवेश किया है लेकिन तमाम समझौतों का नतीजा कुछ खास निकलता नजर नहीं आ रहा है। आलम यह है कि पाकिस्तान को अभूतपूर्व ब्लैक आउट जैसे संकट का सामना करना पड़ रहा है। एशिया टाइम्स (Asia Times) ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि आगे भी पाकिस्तान के पॉवर सेक्टर (Pakistan Power Sector) को ऐसे गंभीर संकटों का सामना करना पड़ सकता है।
समाचार एजेंसी एएनआइ ने एशिया टाइम्स के एक लेख के हवाले से बताया है कि पाकिस्तान का बिजली क्षेत्र भ्रष्टाचार का एक बड़ा जरिया बनता जा रहा है। अप्रैल 2020 में पाकिस्तान के सिक्योरिटी एंड एक्सचेंज कमीशन (एसईसीपी) के एक पूर्व अध्यक्ष मुहम्मद अली की अध्यक्षता वाली नौ सदस्यीय समिति की एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए एफएम शकील ने लेख में कहा है कि बिजली क्षेत्र में कदाचार के चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं।
रिपोर्ट ने चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे (CPEC) से संबंधित संचालन के लिए सरकार से सरकार के बीच समझौते के तहत स्थापित चीनी इकाइयों समेत स्वतंत्र विद्युत निर्माता (Independent Power Producer, IPP) में हो रहे भ्रष्टाचार को उजागर किया है। रिपोर्ट ने आईपीपी को वार्षिक ओवर पेमेंट में 100 बिलियन पाकिस्तानी रुपये (USD 625 मिलियन) का पता लगाया है और चीनी ऊर्जा कंपनियों के अवैध मुनाफाखोरी के दुष्परिणामों की ओर इशारा किया है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे (CPEC) समझौते के तहत स्थापित चीनी इकाइयों समेत अधिकांश विद्युत निर्माता (Independent Power Producer, IPP) सरकार की नीति को धता बताते हुए 50 से 70 फीसद मुनाफा कमा चुके थे जबकि विनियामक प्राधिकरण के मुताबिक इसे अधिकतम 15 फीसद से ज्यादा नहीं होना चाहिए था। यानी चीन की पाकिस्तान के साथ दोस्ती मुनाफे की बुनियाद पर ज्यादा टिकी नजर आ रही है।
उल्लेखनीय है कि जनवरी के पहले पखवाड़े में पाकिस्तान अंधेरे में डूब गया था। बिजली प्रणाली में खराबी के चलते इस्लामाबाद, लाहौर, कराची, रावलपिंडी और मुल्तान समेत कई शहरों और कस्बों में ब्लैक आउट देखा गया था। पाकिस्तान के मंत्री इस संकट को लेकर बहाने बनाते नजर आए थे। पाकिस्तान के सूचना मंत्री शिबली फराज ने इस वाकए के लिए लिए पुराने ट्रांसमिशन सिस्टम को दोषी ठहराया दिया था।

