Bird Flu: पंजाब सुरक्षित, सोलन सहित करनाल व दिल्ली आए सैंपलों में मिले बर्ड फ्लू के लक्षण

जालंधर/पटियाला/रोपड़। पंजाब अभी बर्ड फ्लू के खतरे से सुरक्षित है। पटियाला से मरी हुई मुर्गियों के सैंपल की जांच रिपोर्ट नेगेटिव आई है। उत्तर क्षेत्रीय रोग निदान प्रयोगशाला (एनआरडीडीएल) के प्रभारी डा. महिंदर पाल सिंह ने बता कि पटियाला में मुर्गियां मरने का मामला सामने आने के बाद वहां से 40 सैंपल जांच के लिए भेजे गए थे। इनकी जांच चीफ सेक्रेटरी विनी महाजन के निर्देश पर प्रमुखता के साथ की गई और रिपोर्ट नेगेटिव आई है।

हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और दिल्‍ली में मारे गए पक्षियों में बर्ड फ्लू की आशंका आई सामने

उन्होंने कहा कि करनाल (हरियाणा) में मुर्गियों, सोलन (हिमाचल प्रदेश) व दिल्ली में विदेशी पक्षियों के टेस्ट के बाद बर्ड फ्लू होने की आशंका सामने आई है। मंगलवार को रोपड़ डिवीजन से भी विदेशी पक्षी की सैंपल रिपोर्ट में बर्ड फ्लू के लक्षण पाए गए थे। दोनों मामलों में सैंपल भोपाल भेज गए हैं और वहां से बर्ड फ्लू होने या न होने की पुष्टि का इंतजार है। लैब के प्रभारी डा. म¨हदर पाल ¨सह ने कहा कि बर्ड फ्लू की पुष्टि करना एनआरडीडीएल के अधिकार क्षेत्र में नहीं है।

धर, पटियाला के गांव रखड़ा के नजदीक मृत मुर्गियों को पांच फुट गहरा गढ्डा खोदकर चूना डालकर दबा दिया गया। पशु पालन विभाग के डा. जीवन ने कहा कि एहतियात के लिए जिले के पोल्ट्री फार्मों में सैंप¨लग का काम भी शुरू कर दिया गया है। वहीं, सेहत विभाग के एपिडिमोलोजिस्ट दिवजोत सिंह, सहायक मलेरिया अफसर मलकीत सिंह और प्राइमरी सेहत केंद्र कौली की टीम ने गांव रखड़ा के आसपास के इलाके में स्थित पोल्ट्री फार्मों का दौरा कर कर्मचारियों की सेहत की जांच की।

रूपनगर के पशुपालन विभाग के डिप्टी डायरेक्टर डा. परमवीर सिंह वालिया ने कहा कि रोपड़ डिवीजन के अधीन जिस मृत विदेशी पक्षी के सैंपल की जांच में बर्ड फ्लू के लक्षण सामने आए हैं वह सैंपल मोहाली से भेजा गया था। अभी तक बर्ड फ्लू का कोई मामला सामने नहीं आया है। उन्होंने लोगों से जागरूक और सजग रहने की अपील करते हुए कहा कि चिकन व अंडे अच्छी तरह पकाकर खाएं।

 

-105 और विदेशी पक्षियों की मौत

तलवाड़ा (होशियारपुर)। पौंग डैम वेटलैंड में 105 और विदेशी पक्षियों ने दम तोड़ दिया। यहां मरने वाले पक्षियों की संख्या बढ़कर 4742 हो गई है। वन्य जीव विभाग के डीएफओ राहुल एम रोहने ने बताया कि ज्यादातर बार हेडेड गीज की मौत हुई है। इस बार 100 से अधिक प्रजातियों के 56,000 से अधिक पक्षी वेटलैंड पर पहुंचे थे। यह पक्षी मार्च के अंत तक यहां रहते हैं और अप्रैल में गर्मी सी शुरुआत के समय वापस लौट जाते हैं।

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