कोरोना काल में इस हद तक बदल जाएंगे स्कूल, जानें कैसा होगा आपके बच्चे का स्कूल जाने पर पहला दिन
नई दिल्ली : प्राइम पंजाब
कोरोना वायरस ने पूरे भारत में कोहराम मचा रखा है। पंजाब में भी न दिनों हालात वदतर होते जा रहें है। दिल्ली सहित बहुत से प्रदेशों में भी एसी ही हालत है। कोरोना काल में सभी स्कूल कालेज शिक्षण संस्थान बंद पड़े है। अब करीब 6 महीने से बंद स्कूलों को शर्तों के साथ 21 सितंबर से खोला जा सकता है। केंद्र सरकार ने इसके लिए कड़े के दिशानिर्देश जारी किए है। जिनके अनुसार सभी सावधानियों के साथ 9वीं से 12वीं तक के छात्रों के लिए स्कूल खोलने की इजाजत दी गई है. इसके मुताबिक 9वीं से 12वीं तक के छात्र शिक्षक से सलाह लेने स्कूल जा सकेंगे। परन्तु शर्क ये भी है कि इसके लिए अभिभावकों की लिखित इजाजत जरूरी होगी। कोई भी स्कूल प्रबंधन बच्चों को जबरदस्ती नहीं बुला सकता है।
कोरोना ने जिस तरह से हमारे जीने के तौर तरीकों को बदल दिया है उसी तरह से स्कूलों में भी काफी कुछ बदल जाएगा। कोरोना से लडऩे और बचने के लिए स्कूल पूरी तरह तैयार से तैयार हो रहें है।
कोरोना काल में अब ऐसे दिखेंगे स्कूल-
– सभी स्कूलों ने ऐसी व्यवस्था जाएगी है कि एंट्री गेट से आते ही बच्चों की सबसे पहले थर्मल स्क्रीनिंग की जाएगी, उसके बाद उनके जूते सैनेटाइज किए जाएंगे.
– बच्चों की एंट्री और एग्जिट के अलग पैसेज बनाए जाएंगे। जिन पर सोशल डिस्टेनसिंग की मार्किंग की गई गई होगी।
– बच्चों को संक्रमण से बचाने के लिए स्कूल पूरी तरह से टच फ्री होंगे। स्कूलों में जगह-जगह टच फ्री वॉश बेसिन लगे होंगे, साथ ही टच फ्री सैनेटाइजर लगाए गए हैं.
– इतना ही नहीं अब बच्चों की अटेंडेंस भी टच फ्री होगी. इसके लिए खास मशीन लगाई जाएंगी। जिसमें एक बार में अटेंडेंस, थर्मल स्क्रीनिंग और मास्क चेक किया जाएगा. अगर बच्चे ने मास्क नहीं पहना है तो ये मशीन वो भी बता देगीं।
– क्लास में बैठने के लिए बेंच एक दूसरे से दूर-दूर रखी जाएंगी और इन पर एक बार में एक ही छात्र बैठेगा. छात्रों की सीट फिक्स कर दी जाएगी।
सभी टीचर्स को फेस शील्ड पहना अनिवार्य कर दिया गया है।
– जो पेरेंट्स बच्चों को स्कूल नहीं भेजना चाहते, वो घर से ही लाइव क्लासेज देख सकते हैं। क्लास रुम को समय-समय पर सैनेटाइज किया जाएगा।
– जब तक कोरोना का खतरा खत्म नहीं हो जाता और सरकार की तरफ से कोई निर्देश नहीं आते तब तक पहली से आठवीं कक्षा के बच्चे ऑनलाइन पढ़ाई करेंगे।
– 21 सितंबर से सिर्फ कंटेंनमेंट जोन के बाहर के स्कूल खुलेंगे. कंटेंनमेंट जोन के बाहर रहने वाले स्टाफ और स्टूडेंट्स को ही स्कूल आने की इजाजत होगी। जोन के अंदर रहने वाले छात्र और अध्यापक नहीं आ सरेंगे।
– स्टूडेंट्स के बीच कम से कम 6 फीट की दूसरी होनी चाहिए. इसके अलावा फेस कवर/मास्क अनिवार्य किया गया है। फिलहाल बायोमीट्रिक अटेंडेंस नहीं होंगे।
– स्कूल के अंदर भी थोड़ी-थोड़ी देर में हाथों को साबुन से धुलना या सैनेटाइज करना होगा. परिसर में इधर-उधर थूकने पर पाबंदी होगी।
– गेट पर हर छात्र और स्टाफ की थर्मल स्क्रीनिंग होगी, गेट पर ही उनके हाथ भी सैनेटाइज कराए जाएंगे।
– बच्चे अपना कोई भी सामान जैसे, पेन, पेंसिल, नोटबुक या कोई अन्य सामान आपस में शेयर नहीं करेंगे।
– इसके साथ ही स्कूल के ग्राउंड में किसी भी तरह के खेल या शारीरिक एक्टिविटीज की मनाही है.
– स्कूल आने वाले सभी लोगों के लिए आरोग्य सेतु ऐप रखना अनिवार्य है. इसके साथ ही सभी स्कूलों को पल्स ऑक्सिमीटर का इंतजाम करना होगा।
अब देखना ये है कि पेरेंटस अब अपने बच्चों को स्कूल भेजने को तैयार होंगे या नहीं?

