जाब कैबिनेट में कई अहम फैसले, रोजगार के लिए नई योजना, ओलिंपिक पदक विजेताओं को नौकरी के लिए नियमों संशोधन
चंडीगढ़। मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह की अध्यक्षता में हुई पंजाब कैबिनेट की बैठक में कई अहम फैसलों पर मुहर लगी। पंजाब में युवाओं को रोजगार मुहैया कराने के लिए एक नई योजना शुरू की गई है। कैबिनेट ने नई योजना ‘मेरा काम मेरा मान’ (MKMM) को हरी झंडी दी है। इसके साथ ही पंजाब के चुनाव से ठीक छह महीने पहले कैप्टन सरकार ने बेरोजगारों के लिए रोजगार मुहैया करवाने का अपना वादा भी पूरा कर दिया है।
मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह की अगुवाई कैबिनेट ने बागी मंत्रियों में केवल चरनजीत चन्नी ही शामिल हुए। कैबिनेट ने इस योजना को मंजूरी दे दी है। वैसे यह योजना पंजाब में पहले से ही लागू है, लेकिन पहले यह सिर्फ मुख्यमंत्री की मंजूरी से चल रही थी। आज इसे कैबिनेट ने विधिवत मंजूरी दे दी है। कैबिनेट ने निर्माण श्रमिकों और उनके बच्चों के लिए पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर यह स्कीम मौजूदा वित्तीय वर्ष से ही शुरू करने का फ़ैसला किया।
इस पायलट प्रोजेक्ट के अंतर्गत 30,000 लाभार्थियों को मदद देने का लक्ष्य प्रस्तावित किया गया है, जिस पर 90 करोड़ रुपये की लागत आएगी। मुख्यमंत्री कार्यालय के प्रवक्ता के अनुसार स्कीम के अधीन पंजाब कौशल विकास मिशन प्रशिक्षण केन्द्रों में अल्पकालिक कौशल प्रशिक्षण प्रोग्रामों के अंतर्गत प्रशिक्षण पाठ्यक्रम की शुरुआत से लाभार्थी को 12 महीनों के लिए 2500 रुपये प्रति महीना रोजगार सहायक भत्ता मुहैया करवाया जाएगा। उक्त भत्ता प्रशिक्षण के समय के दौरान प्रोग्राम की शुरुआत से प्लेसमेंट से पहले और प्लेसमेंट के बाद के 12 महीनों के समय के लिए सफलतापूर्वक प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद दिया जाएगा।
जि़क्रयोग्य है कि कैप्टन अमरिंदर सिंह सरकार के महत्वपूर्ण प्रोग्राम ‘घर-घर रोजग़ार और कारोबार मिशन’ ने पहली अप्रैल, 2017 से अब तक 17.61 लाख नौजवानों को रोजग़ार मुहैया करवाने में मदद की है, जिनमें निजी क्षेत्र के 7.02 लाख नौजवान, स्व-रोजग़ार में 9.97 लाख नौजवान और सरकारी नौकरी प्राप्त करने वाले 62,743 नौजवान शामिल हैं।
ओलिंपिक में मैडल लाने वालों को नौकरी के लिए नियमों संशोधन
मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने टोक्यो ओलिंपिक में मैडल लाने वाले पंजाब के खिलाड़ियों को नौकरी देने के लिए नियमों में संशोधन करने को मंजूरी दे दी है। पंजाब खिलाड़ी भर्ती नियम, 1988 के नियम 3 में संशोधन करते हुए इसमें नियम 3 ए शामिल करने के साथ ओलिंपिक खेलों, एशियाई खेलों और राष्ट्रमंडल खेलों के साथ-साथ विश्व कप टूर्नामेंट में बढिय़ा प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ी खेल कोटे के अंतर्गत विभिन्न विभागों में भर्ती किए जाएंगे। इस निर्णय का उद्देश्य युवाओं को खेलों को करियर के रूप में अपनाने के लिए प्रेरित करना भी है।
ग्राम सेवक के लिए अब मूल योग्यता बीए
ग्राम सेवक लगाने के लिए अब मूल योग्यता बीए होगी। ग्रामीण विकास एवं पंचायत विभाग में अब ग्राम सेवकों की न्यूनतम शैक्षिक योग्यता मैट्रिक से बढ़ाकर ग्रेजुएशन करने का फैसला लिया गया है। कैबिनेट की आज मिली मंजूरी के बाद , ‘पंजाब ग्रामीण विकास एवं पंचायत विभाग (दर्जा-3) सेवा (पहली संशोधन) नियम, 2021’ नियमों में संशोधन को नोटीफाई किया जाएगा, जिससे 792 ग्राम सेवकों की नई भर्ती के लिए रास्ता साफ होगा। यह भर्ती एसएसएस बोर्ड द्वारा करवाई जाएगी। बता दें, ग्रामीण विकास एवं पंचायत विभाग में पंचायत सचिव और ग्राम सेवकों की ड्यूटियां एक ही जैसी हैं, परंतु पंचायत सचिव की सीधी भर्ती के लिए न्यूनतम शैक्षिक योग्यता स्नातक है, जबकि ग्राम सेवकों की शैक्षिक योग्यता अब तक मैट्रिक थी।
राज्य के 582 वैटरनरी अस्पतालों में ठेके के आधार पर काम कर रहे सर्विस प्रोवाइडरों (497 वैटरनरी फार्मासिस्ट और 498 दर्जा-4/सफ़ाई सेवकों) की सेवाओं को दो सालों के लिए 1 अप्रैल, 2020 से 31 मार्च, 2022 के लिए अस्थाई प्रबंधन के रूप में जारी रखने की कैबिनेट ने मंज़ूरी दे दी है। पशु पालकों को बेहतर पशु स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के लिए राज्य सरकार द्वारा ग्रामीण विकास एवं पंचायत विभाग से ग्रामीण वैटरनरी अधिकारियों की 582 स्वीकृत पदों सहित 582 सिविल वैटरनरी अस्पतालों को पशु पालन विभाग में पहले ही बदल दिया गया है।
जिला रोजजगार और उद्यम ब्यूरो के बीच तालमेल के लिए संशोधन को मंजूरी
जिला स्तर पर स्थापित रोजगार एवं उद्यम ब्यूरो और जि़ला प्रोग्राम प्रबंधन ईकाइयों के कामकाज में समन्वय और समानता को सुनिश्चित बनाने के लिए कैबिनेट ने ‘‘अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर (विकास) और एडीसी (डी) की जगह अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर-कम-सीईओ जि़ला उद्यमिता और रोजग़ार ब्यूरो’’ के इस्तेमाल करने को मंज़ूरी दी है।

