पंजाब में 11 वर्षीय बच्ची का नहीं बन रहा आधार कार्ड, परिवार के साथ अफसर भी परेशान, कारण बेहद अजीब
कपूरथला। यहां के जालंधर रोड स्थित गांव मंसूरवाल दोनां के किसान गुरचरण सिंह इन दिनों परेशान हैँ। दरअसल, उनकी 11 साल की बेटी शिवानी का आधार कार्ड नहीं बन पा रहा है, क्योंकि उसकी उंगलियों के निशान बायोमीट्रिक में नहीं आ रहे हैं। जन्म से ही उसके दोनों हाथों में चार-चार उंगलियां हैं और कुछ विकृत भी हैं।
सरकारी एलीमेंटरी स्कूल मंसूरवाल दोनां की पांचवीं कक्षा की छात्रा शिवानी के पिता गुरचरण सिंह बताते हैं कि उन्हें सरकार की ओर से सीधे बैंक खातों में भेजी जा रही कोई भी छात्रवृत्ति नहीं मिल पा रही थी, जिसे आधार से जोड़ा जाना है। उन्होंने बताया कि शिवानी का आधार कार्ड बनवाने के लिए उन्होंने जिले के तमाम सुविधा केंद्रों में पहुंच की, यहां तक कि कपूरथला के शालामार बाग स्थित सुविधा केंद्र में भी आधार कार्ड बनवाने से संबंधित तमाम विवरण भरने की प्रक्रिया मुकम्मल होने के बाद जब शिवानी के हाथों के निशान लेने की बात आती है तो सुविधा केंद्र का कर्मचारी यह कहते हुए छोड़ देते हैं कि निशान साफ नहीं आ रहे हैं।
शिवानी की मां सोनिया बताती हैं कि चार अंगुलियों के कारण शिवानी को चीजों को ठीक से पकड़ने में भी थोड़ी परेशानी होती है। हालांकि उसकी पकड़ अच्छी है और वह अच्छे से लिख लेती है। यहां तक कि उसके पैर की उंगलियां भी जन्म से थोड़ी विकृत हैं, शुक्र है कि उसे चलने या दौड़ने में कोई समस्या नहीं है।
उन्होंने कहा कि उनके बेटे करण तीसरी और करतार पहली कक्षा में पढ़ रहे हैं। उनके पास आधार कार्ड हैं और सरकार से उनके खातों में छात्रवृत्ति अनुदान प्राप्त करते हैं, लेकिन शिवानी नहीं। आधार कार्ड विशेषज्ञ के अनुसार उसके लिए किसी तरह के बायोमेट्रिक्स को रिकॉर्ड करना होगा, अगर हमें उंगलियों के निशान नहीं मिले, तो हम उसका आईरिस स्कैन ले सकते हैं। हमें इसकी पूरी जांच करने की जरूरत है।
इस मामले में डीसी दीप्ति उप्पल का कहना है कि मामला उनके ध्यान में आ चुका है। शिवानी का आधार कार्ड बनाने के लिए कोई न कोई रास्ता जरूर निकलेगा। सुविधा केंद्र के मैनेजर चाणक्य आनंद ने बताया कि शिवानी अपने परिजन के साथ उनके पास आधार कार्ड बनवाने के लिए आई हुई है। उसके दस्तावेज तैयार किए जा रहे हैं। नियमों के अनुसार उसका आधार कार्ड बनाया जा रहा है।

