पंजाब सरकार का बड़ा फैसला, रद होंगे एकतरफा बिजली समझौते, कैप्टन ने पीएसपीसीएल को दिया निर्देश

चंडीगढ -: पंजाब सरकार ने निजी बिजली कंपनियों से समझौतों पर बड़ा फैसला किया है। राज्‍य सरकार ने एकतरफा बिजली समझौतों को रद करने का फैसला किया है। इस संबंध में मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने पंजाब स्टेट पावर कार्पोरेशन लिमिटेड (पीएसपीसीएल) को प्राइवेट कंपनियों के साथ किए एकतरफा सभी बिजली खरीद समझौते (पीपीएज़) रद करने या फिर से समीक्षा करने को कहा है।

इसके तहत उन कंपनियां के बारे में कदम उठाया जाएगा जो धान की बिजाई और गर्मी के सीजन में बिजली की मांग को पूरा करने के लिए किए गए समझौतों पर खरा नहीं उतरीं। राज्य के सबसे बड़े निजी थर्मल प्लांटों में से एक तलवंडी साबो पावर लिमिटेड की धान के मौजूदा सीजन दौरान बड़ी असफलता का गंभीर नोटिस लेते हुए मुख्यमंत्री ने पीएसपीसीएल को इसके पीपीए रद करने के निर्देश दिए हैं। यह समझौता कंपनी के हक में बहुत ज्यादा जाता है।

काबिले गौर है कि चुनाव से पहले कांग्रेस ने इन समझौतों पर पुनर्विचार करने का वादा किया था लेकिन पिछले साढ़े चार साल में सरकार ने ऐसा नहीं किया। पार्टी के अपने ही नेताओं जिनमें नवजोत सिद्धू, सुनील जाखड़ शामिल हैं ने सरकार पर दबाव बनाया तो मुख्यमंत्री ने इस पर एडवोकेट जनरल की राय मांगी। एजी अतुल नंदा ने अपनी राय में कहा कि सभी समझौते कंपनियों के पक्ष में किए गए हैं जिन पर पुनर्विचार करने की जरूरत है।

दिलचस्प बात है कि कल ही पावर परचेस एग्रीमेंट को लेकर मुख्यमंत्री के चीफ प्रिंसिसपल सेक्रेटरी सुरेश कुमार, चीफ सेक्रेटरी विनी महाजन और बिजली विभाग के सीनियर अधिकारियों की मीटिंग हुई और उससे तीन घंटे बाद ही नवजोत सिद्धू पार्टी के चार अन्य कार्यकारी प्रधानों के साथ मुख्यमंत्री को ज्ञापन देने पहुंच गए जिसमें बिजली समझौते रद्द करने वाली मांग भी शामिल थी।

मुख्यमंत्री ने बताया कि पीएसपीसीएल ने साल 2007 के बाद थर्मल/हाईड्रो के साथ 12 बिजली खरीद समझौते और सोलर /बायोमास के साथ लंबे समय के 122 समझौते किए थे। इससे राज्य की बिजली पैदावार को लगभग 13800 मेगावाट करके पंजाब को अतिरिक्त बिजली वाला राज्य बनाया जाना था। धान के सीजन के दौरान तलवंडी साबो थर्मल प्लांट के तीनों यूनिट बिजली की मांग सर्वाधिक हो चुकी मांग को कुछ दिनों के लिए बिजली पैदा करने में नाकाम रहे।

पीएसपीसीएल ने पहले ही तलवंडी साबो पावर लिमटिड को जुर्माना लगा कर नोटिस जारी कर दिया है परंतु बिजली खरीद समझौते (पीपीए) एकतरफ़ा हैं, इसलिए लगाया गया जुर्माना थर्मल प्लांटों में ख़राबी होने के कारण हुए नुकसान के मुकाबले बहुत थोड़ा होगा। बिजली खरीद समझौतों की शर्तों के अनुसार, मौजूदा समय इन प्लांटों को गर्मियों /धान की रोपाई के समय बिजली सप्लाई करना लाज़िमी नहीं है। इसलिए, पीपीए के बीच की कमियों का फायदा उठाते हुए, ये प्लांट कम उपभोग वाले सीजन के दौरान बिजली सप्लाई करके पीएसपीसीएल से पूरे चार्जिज वसूल रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने बताया कि तलवंडी साबो पावर लिमटिड की नाकामी के नतीजे के तौर पर पड़े घाटे को भरने के लिए पावरकाॅम को मौजूदा सीजन में राज्य की बिजली की ज़रूरत को पूरा करने के लिए बाहर से बिजली खरीदनी पड़ी। पावरकॉम ने जून और जुलाई के महीनों में 886 करोड़ रुपए ख़र्च करके 271 करोड़ यूनिट बिजली की खरीद की थी।

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