Uniform Civil Code in India: समान नागरिक संहिता और भारत में इसकी जरूरत, जानिए विस्तार से

दिल्ली हाईकोर्ट ने तलाक से जुड़े एक मामले की सुनवाई के दौरान समान नागरिक संहिता (Uniform Civil Code) की जरूरत बताते हुए कहा कि इसे लाने का यही सही समय है। दरअसल, मीणा जनजाति से जुड़े इस मामले में पति हिन्दू मैरिज एक्ट के हिसाब से तलाक चाहता था, जबकि पत्नी का कहना था कि वह मीणा जनजाति होने के कारण उस पर हिन्दू मैरिज एक्ट लागू नहीं होता। कोर्ट ने कहा कि आज की युवा पीढ़ी को इन मुश्किलों से बचाने की जरूरत है। अनुच्छेद 44 (Article 44) में यूनिफॉर्म सिविल कोड को लेकर जो बात कही गई है, उसे वास्तविकता में बदलना होगा।

 

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