वित्त मंत्री ने कहा- बजट को लेकर विपक्षी दल फैला रहे हैं भ्रम, हर वर्ग के लिए है बजट

 नई दिल्ली।  राज्यसभा में बजट पर चर्चा के दौरान शुक्रवार को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कांग्रेस समेत विपक्षी दलों पर जमकर प्रहार किया। अमूमन हर वर्ग से बजट को मिल रही सराहना के बावजूद कांग्रेस समेत कुछ विपक्षी दलों द्वारा इसे चंद अमीरों का बजट ठहराए जाने की कोशिश को वित्त मंत्री ने उनकी हताशा बताया। सीतारमण ने कहा कि कुछ लोगों को सिर्फ विरोध करने आता है। ऐसे लोगों से वह सिर्फ इतना ही कहना चाहती हैं कि यह गरीबों और किसानों के लिए बजट है, किसी दामाद के लिए नहीं। दामाद पर कांग्रेस सदस्यों के विरोध के बीच वित्त मंत्री ने कहा कि दामाद होना गलत नहीं है, हर घर में दामाद होते हैं लेकिन कांग्रेस के लिए इसका विशेष अर्थ है।

सीतारमण ने कहा- हर वर्ग के लिए बजट है, आठ करोड़ परिवारों को मुफ्त में रसोई गैस दी गई

संसद के उच्च सदन में बजट पर चर्चा का जवाब देते हुए सीतारमण ने कहा कि कुछ लोग हर बात पर भ्रम फैलाते हैं। हाल में पेश बजट को अमीरों का बजट बताया जा रहा है। जबकि यह हर वर्ग के लिए है। उन्होंने कहा कि सरकार ने 80 करोड़ गरीबों को मुफ्त राशन और आठ करोड़ लोगों को मुफ्त गैस उपलब्ध कराया तो क्या यह अमीरों के लिए था?

प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 1.6 करोड़ घरों को निर्माण

प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 1.6 करोड़ घर बनाए गए। ग्राम सड़क योजना के तहत 2.11 लाख किलोमीटर से अधिक सड़क बनाई गई। ई-नाम (कृषि वस्तुओं के लिए ऑनलाइन ट्रेडिंग प्लेटफार्म) से 1.69 करोड़ छोटे किसानों को जोड़ा गया।

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना से नौ करोड़ किसानों को लाभ मिला

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना से नौ करोड़ किसानों को लाभ मिला। यह सब कुछ किसी दामाद के लिए तो नहीं किया जा रहा है। इसका लाभ गरीब परिवारों को मिला। दरअसल यह बजट आत्मनिर्भर भारत को हासिल करने वाला हथियार है और विपक्ष की तरफ से बजट को लेकर सरासर गलत धारणाएं बनाई जा रही है।

कर दाताओं का आदर होना चाहिए

वित्त मंत्री ने कांग्रेस नेताओं को उद्योगपतियों का विरोध करने को लेकर भी कठघरे में खड़ा कर दिया। उन्होंने कहा कि हमें कर दाताओं का आदर करना चाहिए, हमें धन सृजन करने वाले उद्यमियों का भी आदर करना चाहिए। बजट में सभी मीडियम टर्म, लांग टर्म सभी प्रकार के विकास का ध्यान रखा गया है ताकि भारत सबसे तेज गति से विकास करने वाली अर्थव्यवस्था बन सके। बजट में विनिवेश का साहसिक फैसला लिया गया है ताकि न्यूनतम सरकार और अधिकतम शासन को हासिल किया जा सके।

हर क्षेत्र का रखा ध्यान

वित्त मंत्री सीतारमण ने विपक्ष द्वारा बजट में पेश आंकड़ों को लेकर उठाए गए सवाल का भी जवाब दिया। उन्होंने कहा कि चाहे रक्षा का क्षेत्र हो या फिर स्वास्थ्य का, किसी भी क्षेत्र के बजट आवंटन को कम नहीं किया गया है। यहां तक कि राजकोषीय घाटे में होने वाली बढ़ोतरी को भी साहसिक रूप से स्वीकारा गया है।

बुनियादी ढांचे के विकास पर जोर

वित्त मंत्री ने कहा कि बजट में पूंजी का सृजन और बुनियादी ढांचे के विकास पर खास जोर दिया गया है। उन्होंने कहा कि कोरोना काल में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) के लिए सरकारी गारंटी वाले तीन लाख करोड़ के कर्ज की घोषणा की गई थी और इस साल 10 फरवरी तक 91 लाख एमएसएमई को 2.43 लाख करोड़ के कर्ज मंजूर किए जा चुके हैं। उन्होंने बताया कि रक्षा क्षेत्र में होने वाले पूंजीगत खर्च में पिछले साल के मुकाबले 18.8 फीसद की बढ़ोतरी की गई। स्वास्थ्य के मद में पानी व स्वच्छता को इसलिए जोड़ा गया क्योंकि विश्व स्वास्थ्य संगठन की रिपोर्ट के मुताबिक स्वच्छता एवं साफ पानी बीमारियों को रोकता है।

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