पंजाब Civic Polls में ‘ट्रैक्टर चलाता किसान’ सिंबल का क्रेज, निर्दलीय प्रत्याशियों की पहली पसंद
जालंधर । दिल्ली में चल रहे कृषि सुधार कानूनों के खिलाफ आंदोलन को पंजाब में मिल रहे समर्थन का असर स्थानीय निकाय चुनाव में दिखने लगा है। यहां ‘ट्रैक्टर चलाता किसान’ चुनाव चिन्ह पाने के लिए प्रत्याशियों में होड़ लग गई है। नगर निगम, नगर कौंसिलों और नगर पंचायतों में बड़ी संख्या में खड़े हुए निर्दलीय उम्मीदवारों ने ‘ट्रैक्टर चलाता किसान’ चुनाव चिन्ह का विकल्प चुना है। कहीं ना कहीं इन उम्मीदवारों को लगता है कि ‘ट्रैक्टर चलाता किसान’ चुनाव चिन्ह देखकर उन्हें उन लोगों का वोट हासिल हो सकेगा जो किसानों के आंदोलन को लेकर हमदर्दी दिखा रहे हैं।
लुधियाना की जगराओं नगर काउंसिल में 9 उम्मीदवारों ने ट्रैक्टर चलाता किसान चुनाव चिन्ह अपनाया है। जगराओं के वार्ड नंबर 12 से आजाद प्रत्याक्षी हिमांशु मलिक ने कहा कि किसान लंबे समय से कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग कर रहे हैं। किसान संगठन दिल्ली बार्डर पर धरने पर बैठे हैं। ट्रैक्टर पंजाब में किसानी का प्रतीक है। इसलिए उन्होंने इस चुनाव निशान को लिया है
मोहाली के पूर्व मेयर कुलवंत सिंह के आजाद ग्रुप के प्रत्याशियों ने ट्रैक्टर चलाता किसान चुनाव निशान मांगा था। हालांकि सभी उम्मीदवारों को यह चुनाव निशान नहीं मिल सका। करीब 25 उम्मीदवारों को ट्रैक्टर चुनाव निशान मिला है। बाकी को बाल्टी का चुनाव निशान मिला। पूर्व मेयर कुलवंत सिंह मोहाली नगर निगम चुनाव में अपना अलग ग्रुप बना कर मैदान में उतरे हैं। इससे पहले वर्ष 2015 में भी कुलवंत सिंह ने आजाद ग्रुप बनाकर ही चुना लड़ा था। इस बार आजाद ग्रुप आम आदमी पार्टी के साथ मिलकर चुनाव लड़ रहा है।
जालंधर के आदमपुर में 12 प्रत्याशियों ने इसे चुना है। इनमें कांग्रेस समर्थित उम्मीदवार जिनमें बागी अकाली नेता भाई दर्शन सिंह करवल और हरजिंदर सिंह करवल शामिल हैं। ये इसी चिन्ह पर चुनाव मैदान में हैं। यहां भी प्रत्याशियों को यही उम्मीद है कि किसान बाहुल्य वार्डों में उन्हें इस चुनाव चिन्ह के कारण फायदा मिल सकता है। जालंधर के फिल्लौर में पांच प्रत्याशी इस चुनाव चिन्ह को लेकर मैदान में हैं।
होशियारपुर में सबसे ज्यादा प्रत्याशियों ने चुना ये सिंबल
होशियारपुर में करीब 25 प्रत्याशियों ने इस चुनाव चिन्ह को चुना है। मुकेरियां, तलवाड़ा, गढ़दीवाला, हरियाना, टांडा, शाम चौरासी, दसूहा और गढ़शंकर में करीब 53 प्रत्याशियों ने इस विकल्प को चुना है। उन्हें भी उम्मीद है कि इसकी मदद से उन्हें किसान समर्थकों का वोट मिल सकेगा। कपूरथला की बात करें तो यहां चार प्रत्याशियों ने यह सिंबल चुना है।

