Moga Municipal Corporation Election: रिटर्निंग अफसर हुए सीट से गायब, भाजपा ने की नारेबाजी

मोगा। अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित नगर निगम के वार्ड संख्या-31 से भाजपा प्रत्याशी ज्योति के नामांकन को लेकर हंगामा हो गया। दरअसल, रिटर्निंग अफसर एसडीएम धर्मकोट डा.नरिंदर सिंह धालीवाल व सहायक रिटर्निंग अफसर तहसीलदार दीपक शर्मा ने उन्हें जाति प्रमाण पत्र जमा करने के लिए लिखित में सुबह 11 से लेकर दोपहर तीन बजे तक का समय दिया, लेकिन आरोप है कि दोनों अफसर अपनी सीट से दो बजे ही उठकर चले गए।

दो अफसरों के चले जाने के कारण भाजपा ने जमकर हंगामा किया। हंगामा बढ़ने पर पहले एआरओ 2.55 बजे कोर्ट में पहुंचे और बाद में रिटर्निंग अफसर डा. नरिंदर सिंह धालीवाल 2.58 मिनट पर पहुंचे, लेकिन उन्होंने साफ कह दिया कि उन्होंने 11 बजे आवाज लगवाई थी, जब प्रत्याशी ने अपना डाक्यूमेंट जमा नहीं कर सकी थी। अब उन्होंने स्टैंडिंग आर्डर पास कर दिया है। नामांकन रद कर दिया गया है।

यह कहते हुए उन्होंने एसडीएम कोर्ट में रिटर्निंग अफसर की इस कार्रवाई का विरोध कर रहे भाजपा जिला अध्यक्ष विनय शर्मा, चुनाव संचालन समिति के समन्वयक सुनील गर्ग एडवोकेट को कोर्ट से बाहर निकालने के आदेश दे दिए। इसके बाद हंगामा और बढ़ गया। भाजपा नेताओं ने कोर्ट के बाहर आकर रिटर्निंग अफसर के खिलाफ नारेबाजी की। रिटर्निंग अफसर पर कांग्रेस के कार्यकर्ता के रूप में काम करने का आरोप लगाया।

पत्रकारों से बातचीत में दोनों भाजपा नेताओं ने कहा कि रिटर्निंग अफसर अपने लिखित आदेश से मुकर रहे हैं।भाजपा प्रत्याशी ज्योति ने बताया कि उन्होंने नामांकन के साथ ही जाति प्रमाण पत्र लगाया था। इसके बावजूद सुबह करीब 12 बजे उन्हें आरओ आफिस से फोन आया कि उनके

नामांकन पत्र में जाति प्रमाण पत्र नहीं है। यह सूचना मिलते ही वह तत्काल अपने पति के साथ करीब दो बजे रिटर्निंग अफसर आफिस में पहुंच गई, लेकिन उनका डाक्यूमेंट ये कहकर आरओ आफिस में लेने से इन्कार कर दिया कि वे लेट हो गई हैं। उनका नामांकन पत्र रद कर दिया गया है। यह सूचना उन्होंने भाजपा नेताओं को दी तो भाजपा जिला अध्यक्ष विनय शर्मा, महामंत्री बोहड़ सिंह, चुनाव संचालन समिति के कोआर्डिनेटर सुनील गर्ग करीब ढाई बजे रिटर्निंग अफसर की कोर्ट में पहुंचे।

भाजपा नेताओं के मुताबिक आफिस में वहां रिटर्निंग अफसर सहित पूरा स्टाफ गायब था। इस बात पर भाजपा नेताओं ने हंगामा किया तो पहले तो पुलिस ने उन्हें रोकने का प्रयास लिया, लेकिन सुनील गर्ग ने जब कहा कि उनके प्रत्याशी को संवैधानिक अधिकार से वंचित नहीं किया जा सकता है. उनके तेवर देख आखिर पुलिस ने उन्हें अंदर जाने दिया।

बाद में उन्होंने पुलिस अधिकारियों से आग्रह किया कि आरओ या एएआरओ को तीन बजे से पहले बुलाओ। पुलिस ने मीडिया को भी बाहर निकालने का प्रयास किया। हंगामा बढ़ने पर पहले कोर्ट में एआरओ पहुंचे, बाद में आरओ, लेकिन उन्होंने डाक्यूमेंट लेने के बजाय सीधे बाहर निकल जाने के आदेश दे दिए।

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