जालन्धर में सहकारी सोसाइटी सैक्रेटरी ने अध्यक्ष और अन्य से परेशान हो कर आत्महत्या की

जालन्धर : प्राइम पंजाब
जालन्धर के कस्बा किशनगढ़ में में कुछ लोगों से परेशान हो कर सहकारी सोसाइटी के सचिव ने आत्मह्या कर ली। सुसाइड नोट में उसने कुछ लोगों के नाम लिख कर उन पर उसे परेशान करने के आरोप लगाए है। जानकारी के अनुसार वहां की सहकारी सोसायटी के सेक्रेटरी जसवंत राय ने प्रधान व ऑडिट टीम की कथित धमकियों से तंग आकर जान दे दी। सुसाइड नोट में उसने इन चार लोगों के नाम लिखते हुए उन पर उसको ब्लैकमेल कर लाखों रुपये वसूलने के आरोप लगाए हैं। इस बारे में जालन्धर देहात पुलिस ने थाना आदमपुर में सोसायटी प्रधान समेत चार लोगों के खिलाफ धारा 306 का केस दर्ज कर लिया है। इस मामले में फिलहाल कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है।

Su
पुलिस को दिए बयान में किशनगढ़ के वार्ड नंबर-2 की रहने वाली सर्बजीत कौर ने बताया कि वह गांव संघवाल की सिविल कोआप्रेटिव सोसायटी और उसके पति जसवंत राय किशनगढ़ की खेतीबाड़ी कोआप्रेटिव सोसायटी में सचिव लगे थे। गत 31 अगस्त को संघवाल सोसायटी की ऑडिट करने के लिए टीम ने आना था। इसके कामकाज की देखरेख भी उसके पति ही करते थे। ऑडिट वाले दिन उसके पति जसवंत राय को किसी जरूरी काम से जालन्धर जाना पड़ गया। वह सिविल सोसायटी संघवाल नहीं पहुंचे तो सोसायटी का प्रधान हरभजन सिंह उनके घर आ गया और पति को नहीं पाकर धमकियां देने लगा और गाली गलौच भी की। आरोप है कि प्रधान हरभजन ने धमकी दी कि अगर जसवंत एक सितंबर को ऑडिट करवाने नहीं आया तो उसके पूरे परिवार को उठाकर ले जाएगा। उसी दिन फिर प्रधान 2-3 बार उनके घर आया। एक सितंबर को हरभजन सिंह फिर उनके घर आया। गाली गलौच करते हुए वह उसके पति जसवंत को फोन पर ही धमककियां देने लगा। जसवंत की पत्नी ने आरोप लगाया कि हरभजन के अतिरिक्त ऑडिट पार्टी के कर्मचारी ऑडिटर नागेश कुमार, नगज्जा की कोआप्रेटिव सोसायटी के ब्रांच मैनेजर सुदेश कुमार और पूर्व ब्रांच मैनेजर सुरिंदर सिंह भी उसके पति को ऑडिट को लेकर धमकाते रहते थे। इस वजह से उसके पति काफी परेशान रहने लगे। इनके डर की वजह से एक सितंबर को वह घर से एक्टिवा लेकर चला गया। अगले दिन शाम छह बजे उन्हें पता चला कि पति जसवंत राय का शव दौलतपुर ड्रेन की पटरी पर पड़ा हुआ है। वह परिवार के दूसरे लोगों के साथ मौके पर पहुंचे तो मृतक की जेब से सुसाइड नोट मिला। जिस पर उन्होनें लिखा कि वह नागेश कुमार ऑडिटर, सुरिंदर सिंह, पूर्व ब्रांच मैनेजर, सुदेश कुमार मौजूदा ब्रांच मैनेजर और प्रधान हरभजन सिंह से दुखी होकर आत्महत्या कर रहा हूं। इन लोगों ने मुझे ब्लैकमेल कर मेरे लाखों रुपये खा लिए और आगे भी मुझे परेशान करते हैं। जिसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है।

 

38 Views