जौहल अस्पताल के खिलाफ रोष पर्दशन करते समय कांग्रेसी पार्षद ने उड़ाई कानून और CM के आदेशों की धज्जियां-मामला दर्ज
जालन्धर : मनवीर सिंह वालिया
कुछ दिन पहले जालन्धर के जौहल अस्पताल में दाखिल कराए गए एक कोरोना पाजिटिव मरीज के कोरोना टैस्ट की रिपोर्ट देरी से आने को लेकर मरीज के परिजनों और कांग्रेसी पार्षद मनदीप जस्सल ने अस्पताल में काफी हंगामा किया था। अस्पताल के डा. बीएस जौहल के सारी बात बताने पर भी वह समझने को तैयार नहीं हुए थे। कयों रिपोर्ट को सिविल अस्पताल से आने में कुछ समय लगता है। इस दौरान मामले ने उस समय नाटकीय मोड़ ले लिया था जब पर्षद जस्सल ने आरोप गाए कि डा. जौहल ने उन्हें जातिसूचक अपशब्द कहे थे। जबकि डा. जौहल जौहल ने बताया कि उन्होनें ऐसा कुछ भी नहीं कहा है। अस्पताल में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज देखने पर भी एसा कुछ दिखाई या सुनई नहीं दिया था कि पार्षद को जातिसूचक अपशब्द कहे गए है। दो दिन पहले पार्षद जस्सल ने अपने कुछ साथियों के साथ जौहस अस्पताल के खिलाफ एक प्रेस कांफेंस भी बुलाई पर मीडिया के सवालों का जबाव देते समय वह खुद ही उलझ गए कि कया कहना है। सभी नेता इस हद तक चले गए कि वह मीडिया को ही बुरा भला कहते हुए आरोप लगाने लग गए। बात न बनती देख कर आज पार्षद जस्सल ने अस्पताल और डाक्टर बीएस जौहल के खिलाफ पर्दशन करने के लिए बहुत से लोग एकत्र कर लिए। शायद उन्हे कोरोना का खतरा भूल गय था और धारा-144 लगी होने के बावजूद अपनी पार्टी की सरकार के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के कोई भी सभा, धरना पर्दशन न करने के आदेशों की ठेंगा दिखाते हुए लोगों की जान को खतरे में डाल कर उन्हें एकत्रित कर धरना प्रदर्शन किया। इस भीड़ को देख कर लोग हैरान हो रहे थे कि ये कैसा पार्टी का सिपाही है जो अपने CM के आदेशों को भी नहीं मानता। ऐसे में अन्य लोग इन आदेशों को कया मानेंगे। इस बारे में जानकारी मिलने पर थाना रामा मंडी की पुलिस ने पार्षद जस्सल के अतिरिक्त कई अन्य लोगो के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। अब देखना ये भी है कि सीधे तौर पर CM के आदेशों का उल्लंघन करने वाले कांग्रेसी पार्षद पर कांग्रेस पार्टी कया कार्रवाई करती है।

