BIG NEWS : कया पंजाब में फिर से लागू किया जाएगा लॉकडाउन या फिर सरकार करेगी अन्य उपाय, फैसला कुछ ही देर में

चंडीगढ़ : प्राईम पंजाब
पंजाब में कोरोना  का कोहराम जारी है। रोज ही नए मामले सामने आ रहें है। पंजाब के लुधियाना, पटियाला और जालन्धर जिलों में स्थिति खतरनाक हद तक पंहुच चुकी हैं। इन जिलों में रोजाना ही काफी ज्यादा संख्या में कोरोना मरीज सामने आ रहे है। जिसके चले लोगों को फिर लाकडाउन का समय अच्छा लगा रहा है। तब कम से कम इतने मरीज तो नहीं आ रहें थे। लाकडाउन खत्म होने के बाद लोगों को लगा कि जैसे कोरोना खत्म हो गया है। वह बिना मास्क और सोशल डिस्टेंस का ख्याल रखे बिनां वजह घूम रहें है। पंजाब के तीन-चार जिलों में स्थिति विस्फोटक होती जा रही है। सरकार भी स्थिति पूरी नजर रख रही है। पंजाब में रात्रि का कफ्र्यू लगा दिया गया है। दुकाने बंद करने का समय भी 8.00 बजे का कर दिया गया है। पर यह भी सच्चाई है कि लोग और दुकानदार इस बात की कोई परवाह नहीं कर रहें है। देर रात तक लोग खुले घूमते रहते है और बहुत सी दुकाने भी खुली रहती है। जिसके बाद लॉकडाउन  का विचार किया जा रहा है। हालांकि इस बारे आखिरी फैसला मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह के नेतृत्व में आज गुरुवार शाम को कुछ ही देर बाद होने जा रही उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में किया जाएगा। परन्तु कोई भी फैसला लेने से पहले पहले सरकार हर पहलू पर विचार कर रही है।

हालांकि प्रदेश के बहुत से लोग लाकडाउन फिर से लागू करने के पक्ष में हैं। वहीं बहुत से लोग इस बात को ले कर भी चिंतित है कि इस से लोगों की रोजी रोटी पर बुरा असर पड़ेगा. सेहत सलाहकार डा. के.के. तलवाड़ मुताबिक राज्य इस समय मुश्किल घड़ी में से गुजर रहा है और लुधियाना जिले की स्थिति सबसे ज्यादा चिंताजनक बनी हुई है, जिसकी समीक्षा की जाएगी। कैप्टन अमरिन्दर सिंह की तरफ से 17 अगस्त को संकेत दे दिए गए थे कि यदि हालात न सुधरे तो सुरक्षा के चलते सख्त फैसले लिए जा सकते है मतलब कि लॉकडाउन फिर से लागू किया जा सकता है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि यदि कुछ जिलों में लॉकडाऊन लगाना पड़ा तो आर्थिकता की रफ्तार न रुके, इसको लेकर औद्योगिक इकार्इों पर रोक नहीं लगाई जाएगी। बताने योग्य है कि पंजाब पूरे देश में से ऐसा पहला राज्य है, जिसने कोरोना से रोकथाम के लिए सबसे पहले कफ्र्यू लगाने का फैसला किया था। पिछले दिनों बिहार में भी लाकडाउन बढ़ाया गया है। लेकिन लोगों की मांग है कि सरकार सभी पहलूओं को ध्यान में रख कर कोई फैसला करे। कुछ लोगों का कहना है कि जान है तो जहान है। वही अन्य का कहना है कि गरीबों के सामने कोई रास्ता नहीं बचता है कि कोरोना से रें या भूख से। पंजाब सरकार की आर्थिक हालत पहले ही खस्ता हो चुकी है।

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