डा. जौहल पर लगे ग़लत आरोप : ऐसे तो कोरोना संक्रमितों का उपचार करने से डरने लगेगें कोरोना योद्धा

जालन्धर : मनवीर सिंह वालिया

देश में कई बार इस बात पर बड़ी बहस छिड़ती रही है कि कुछ मुट्ठी भर लोग जातिवाद के नाम पर लोगों को डरा धमकाने   में लगे रहते हैं। हालांकि अलग-अलग समदायों में बहुत से लोग ऐसे भी है जो कि पूरी नेक नियति और इमानदारी से अपने सामाजिक दायित्व का निर्वाह करते हैं। आज जबकि देश कोरोना महामारी के भयानक दौर में से गुजर रहा है रोज़ ही हजारों पॉजिटिव केस सामने आ रहे हैं और सैकड़ों की जाने जा रही हैं। ऐसे समय में सभी को उम्मीद की किरण डॉक्टर्स, अस्पताल का स्टाफ, मरीजों का इलाज़ कर रही नर्सेज करोना के खिलाफ लड़ाई लडऩे लड़ रहे सभी लोगों पर लगी हुई है जिनमें पुलिस कर्मचारी और देश के वैज्ञानिक भी शामिल है जो कि करोना वैक्सीन बना रहे हैं। अस्पतालों का दर्जा चार स्टाफ और मोहल्लों के सफ़ाई कर्मचारी भी इस लड़ाई में आगे हो कर लड़ रहें है। जिस कारण जनता उन का सम्मान कर रही है। लेकिन इस के साथ ही कुछ लोग कोरोना को ही अपना निशाना बनाने लगे हैं। जिससे कोरोना वायरस के खौफना समय में मरीजों के इलाज़ और उनकी मदद में विघ्न पैदा होने की संभावना है। ऐसा ही एक मामला जालन्धर के मशहूर जोहल अस्पताल से सामने आया है। वहाँ पर दाखिल एक कोरोना संक्रमित मरीज के साथ आए कुछ लोगों ने आरोप लगाया कि डॉ बीएस जौहल ने उनके परिजनों से के साथ दुव्र्यवहार किया है और उनसे उनको कथित तौर पर जाति सूचक शब्द बोले हैं। जिसके बाद शहर में सनसनी फैल गई और कई डॉक्टर कोरोना मरीजों का इलाज़ करने से भी कतराने लगे हैं क्योंकि कोरोना संक्रमित मरीजों का इलाज़ कर रहे डॉक्टरों पर पहले भी कई तरह के आरोप लगते आ रहे हैं, चाहे वह सरकारी हैं या प्राइवेट। ये बात सभी समझते हैं कि सभी डॉक्टर और मेडिकल स्टाफ अपनी जान जोखिम में डालकर कोरोना महामारी में मरीजों का इलाज़ कर रहे हैं जब-जब इस बारे में आरोपों की सच्चाई जानने के लिए जौहल हॉस्पिटल अस्पताल से संपर्क किया गया-गया वह डॉक्टर जॉन से बात की गई तो सारी सच्चाई सामने आ गई वहाँ लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज है वह ही सारी बात सामने ला रही है। वहाँ पर एक व्यक्ति अस्पताल के अस्पताल स्टाफ के साथ उलझता औनजर आ रहा है। जिसके बाद अस्पताल के संचालक डा. बी. एस जौहल से बात की गई तो उन्होंने सभी आरोपों को मनगढ़ंत और निराधार बताते हुए कहा कि वह कभी किसी की भी जाति को लेकर ग़लत शब्द बोलने की बात सोच भी नहीं सकते है। वैसे भी जब कोई मरीज उनके पास आता है तो वह उस से नाम, पता और बीमारी तो पूछते है पर किसी की जाति नहीं पूछते है। ऐसे में उन्हें कैसे पता चल सकता है कि मरीज की जाति कया है। उन्होनें कहा कि उन पर जो आरोप लगाए जा रहें है वह मनगढ़ंत और निराधार है। उन्होनें कहा कि कुछ लोग उनकी और अस्पताल की छवि खराब करने की कोशिश कर रहें है। डा. जौहल ने कहा कि उन पर ऐसे आरोप लगाना मन को दुखी करता है। मैं झूठे आरोप लगाने वाले के खिलाफ शिकायत करके उसे कानून से सजा दिलवाना चाहता हूँ। अस्पताल में कोई भी दुखी मरीज आ सकता है और हम सभी मिल कर उसे आराम पंहुचाने का प्रयास करते हैं।

 

 

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