Covid -19 के लैवल -2 और लैवल -3 मरीज़ों के बढ़िया इलाज के लिए 137 और प्राईवेट अस्पतालों का लिया जायेगा सहयोग -DC

जालन्धर : मनवीर सिंह वालिया

जिले में कोविड -19 के बढ रहे मामलों के कारण जिला प्रशासन की तरफ से 137 प्राईवेट स्वास्थ्य संस्थायों को शामिल किया जायेगा जिससे कोविड प्रबंधन नीति के अंतर्गत कोविड के लैवल -2 और लैवल -3 के मरीज़ों के लिए बढिया इलाज सुविधाओं को यकीनी बनाया जा सके।
जिलाधीश जालंधर श्री घनश्याम थोरी ने उपमंडल मैजिस्ट्रेटों और डिप्टी डायरैक्टर स्थानीय निकाय सरकारें,जालंधर की अध्यक्षता में अलग -अलग समितियों का गठन किया, जो अपने -अपने अधिकार क्षेत्र में निजी अस्पतालों में मौजूद बैंडों और बुनियादी ढांचो की उपलबद्धता और सामर्थ्य के बारे में व्यापक रिपोर्ट पेश करेंगे जिससे इनको लैवल -2 और लैवल -3 के मरीज़ों के इलाज के लिए इस्तेमाल किया जा सके।

डिप्टी कमिशनर के आदेशों अनुसार एस.डी.एम.नकोदर आधिकारियों की टीम के साथ ए.एन.आर.न्यूरो अस्पताल, आरती फरटिलटी सैंटर, आस्था न्यूरो सैंटर, एकम अस्पताल, अकाल आई अस्पताल, अलटास अस्पताल, अरमान अस्पताल, अरमान ई.एन.टी. अस्पताल, अमरजीत स्कैनिंग और डायगनौस्टिक सैंटर, आनंद सरजीकल अस्पताल,आनंद ई.ऐन.टी.अस्पताल और नरसिंग होम, अंकुर अस्पताल, अपैकस अस्पताल, अरोड़ा आई अस्पताल, आशीर्वाद अस्पताल, अशोके न्यूरो अस्पताल, ए.वी.ऐम. लैजर केयर, बल्ल अस्पताल, सफ़ेद अस्पताल, बाठ अस्पताल, बवेजा अस्पताल, बवेजा मैडीकल अस्पताल, बी.बी.सी.हारट केयर, बेरी अस्पताल, भार्गव एडवांस गायनी सर्ज़री सैंटर, भूटानी चिल्ड्रेन अस्पताल, बाउरी अस्पताल, कारडीनोवा अस्पताल, सैंट्रल अस्पताल और चावला अस्पताल में बैंडों और स्वास्थ्यों बुनियादी ढांचो की सामर्थ्य के बारे में जांच करेंगे।
इसी तरह एस.डी.एम.फिल्लौर आधिकारियों की टीम के साथ चावला नरसिंग होम और मैटरनिटी अस्पताल, छाबड़ा मैटरनिटी और स्किन अस्पताल, चित्रा हस्पताल, डांग अस्पताल, ढींगरा अस्पताल, दोआबा अस्पताल, दुग्गल आई अस्पताल, गंगा आरथो केयर अस्पताल, गिन्नीज़ फरटिल्लटी और सरजीकल सैंटर, घई अस्पताल, गोयल किडनी क्लीनिक, गार्डीयन अस्पताल, गोल्डन अस्पताल, गुड्डविल अस्पताल, गुरू नानक मैडीकल सैंटर, एच.पी. अस्पताल, हांडा न्यूरो अस्पताल, हीलिंग टच अस्पताल,धीरे फैमिली अस्पताल, जालंधर नरसिंग होम, जम्मू अस्पताल, जसविन्दरपाल अस्पताल, यशवंत अस्पताल और काहलों अस्पताल की जांच करेंगे।
इसी तरह एस.डी.एम.शाहकोट की तरफ से आधिकारियों की टीम के साथ के.एम.अस्पताल, कमल अस्पताल(किशनपुरा), कमल अस्पताल नकोदर, कपिल अस्पताल, कपूर बोन और चिल्ड्रेन अस्पताल, करन अस्पताल, कटारिया आई और ई.एन.टी.अस्पताल, के.जी.एम. अस्पताल, खोसला अस्पताल, कुलदीप अस्पताल, कुमार अस्पताल, लाजवंती अस्पताल, लाल’स आरथोकेयर सैंटर, लोटस प्लास्टिक सर्ज़री सैंटर, एम.के.अरोड़ा अस्पताल, एम.एम.अस्पताल, महाजन अस्पताल, महाजन आई अस्पताल, मकड़ अस्पताल, मल्होत्रा चिल्ड्रेन और जनरल अस्पताल, मल्होत्रा अस्पताल, मल्होत्रा नरसिंग होम, मान मैटरनिटी अस्पताल, मान मैडीसिटी, मान स्कैनिंग सैंटर, मन्नत अस्पताल, मरकंडा अस्पताल, मायो कलीनिग और मेट्रो अस्पताल में उपलब्ध बैंडों और बुनियादी ढांचे की जांच करेंगे।
इसी तरह डिप्टी डायरैक्टर स्थानीय निकाय सरकारें की तरफ से माडरन अस्पताल, न्यू लाईफ़ अस्पताल, न्यू रूबी अस्पताल, निपुन्दरा अस्पताल, ओबराए आरथो और गायनी अस्पताल, पाल अस्पताल, पनसिया वूमैन और हार्ट केयर सैंटर, पसरीचा अस्पताल, पवन अस्पताल और मैटरनिटी होम, पर्ल अस्पताल, पी.एम.जी. चिल्ड्रेन अस्पताल, प्राकिरती अस्पताल, गांधी अस्पताल, राज कमल अस्पताल, राणा अस्पताल, रंधावा चिल्ड्रेन अस्पताल, रणजीत अस्पताल,र्यान अस्पताल, सच्चर अस्पताल, सैनी न्यूरो साईकैटरी अस्पताल, संजीवनी अस्पताल, सरीन अस्पताल, सरताज अस्पताल, सावित्रि अस्पताल और मैटरनिटी होम और सुकंतला देवी विज्ज अस्पताल की जांच करेंगे।
इसके इलावा सहायक कमिशनर स्टेट टैकस जालंधर -2 शरनजीत अस्पताल, शर्मा आई और मैटरनिटी होम, सिग्मा अस्पताल, सिक्का अस्पताल, सपाईन और आरथो केयर अस्पताल, सुमन मैडीकल सैंटर और अस्पताल, सनराईस ओहरी अस्पताल, तलवाड़ अस्पताल, थिंद आई अस्पताल, वरदान अस्पताल, वेदांता अस्पताल, वर्मा अस्पताल, विक्रम अस्पताल, विर्क इनफरटिलटी अस्पताल, इनोसैंट हार्ट अस्पताल, मिगलानी अस्पताल, ट्रिनिटी अस्पताल, अतुल महाजन चिल्ड्रेन अस्पताल,अरदास अस्पताल, जुल्का आई क्लीनिक, स्टार सुपर सपैशैलिटी और स्वास्तिक मैडीकल सैंटर की जांच करके विस्थारित रिपोर्ट पेश करेंगे।
डिप्टी कमिशनर ने आगे बताया कि उपमंडल मैजिस्ट्रेट जालंधर -1 और उपमंडल मैजिस्ट्रेट जालंधर -2 पहले ही 26 प्राईवेट अस्पतालों के साथ संपर्क में हैं जिनकी तरफ से जिला प्रशासन के साथ एक जुट्ट हो कर कोविड -19 ख़िलाफ़ जंग लड़ी जा रही है।
श्री थोरी ने कहा कि मौजूदा समय दौरान जब पूरा विश्व कोविड -19 महामारी ख़िलाफ़ जूझ रहा है तो निजी अस्पतालों को इस मुश्किल घड़ी में सरकार का इस लड़ाई में पूरा साथ देना चाहिए। उन्होनें कहा कि निजी अस्पताल सरकार की तरफ से निर्धारित किये गए रेट कोविड -19 से प्रभावित मरीज़ों के इलाज के लिए ले सकते हैं।
श्री थोरी ने जिला निवासियों से अपील की कि वह अधिक से अधिक कोविड -19 का टैस्ट करवाने के लिए आए जिससे इस बीमारी का समय पर पता लगा कर इसका इलाज करके इसे फैलने से रोका जा सके।

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