BIG NEWS : पंजाब पुलिस ने किया सरहद पार एक और रैकेट का पर्दाफाश ; गिरफ़्तार किये 3 दोषियों में BSF का सिपाही शामिल

जालन्धर : मनवीर सिंह वालिया
पंजाब पुलिस ने नशें ख़िलाफ़ की जा रही सख़्त कार्यवाही के तौर पर तरनतारन जिले में दो तस्करों सहित पाक सरहद पर तैनात एक BSF के सिपाही को गिरफ़्तार करके पाक की तरफ से समर्थन प्राप्त सरहद पारों चलते नशों और हथियारों की तस्करी के एक और रैकेट का पर्दाफाश किया है।
पुलिस मस्कट, ओमान से फ़रार हुए सरगना सतनाम सिंह उर्फ सत्ता की हवालगी लेने के लिए कार्यवाही कर रही है, जहाँ वह दो तस्करी के मामलों में भगौड़ा अपराधी घोषित किये जाने के बाद भाग गया था। डी जी पी श्री दिनकर गुप्ता ने बताया कि उसने गुरमीत सिंह के नाम पर जारी किये गए जाली पासपोर्ट और आधार कार्ड का प्रयोग की थी। डीजीपी ने बताया कि मुलजिम पर पहले विरुद्ध तस्करी के पाँच केस दर्ज हैं। उन्होनें आगे कहा कि सत्ता की जायदाद, जिसको उसने संधू कालोनी अमृतसर में अपने परिवार की रिश्तेदार मनिन्दर कौर के नाम पर नशों के पैसो के साथ खरीदा था, को फ़्रीज करा लिया गया है।
रैकेट का पर्दाफाश करने वाली जालंधर पुलिस (देहाती) ने गिरफ़्तार किये तीन मुलजिमों के पास से चीन के बने एक 0.30 बोर पिस्तौल समेत 5ज़िंदा कारतूस और 24.50 लाख रुपए बरामद किये थे। डीजीपी ने बताया कि दोषियों की पहचान सुरमेल सिंह, गुरजंट सिंह और राजस्थान के गंगा नगर जिले में रावला मंडी के निवासी बीएसएफ सिपाही राजिन्दर प्रसाद के तौर पर हुई है।

इस सम्बन्धित और जानकारी देते हुए श्री गुप्ता ने बताया कि जालंधर देहाती पुलिस ने 26 जुलाई को सूचना के आधार पर कार्यवाही करते दो तस्करों को गिरफ़्तार किया था जो दिल्ली से वर्ना कार में आ रहे थे। तलाशी दौरान पुलिस ने उन की कार में से 25 ग्राम हेरोइन निर्यात की। पूछताछ करने पर दोनों ने अपनी पहचान सुरमेल सिंह और गुरजंट सिंह के तौर पर की गई। पूछताछ के बाद पुलिस ने सुरमेल के पास से .30 बोर पिस्तौल समेत 5 ज़िंदा कारतूस और 35 ग्राम हेरोइन निर्यात की।
आगे की पड़ताल दौरान दोनों मुलजिमों ने यह भी खुलासा किया कि वह तरनतारन जिले के गाँव नारली के रहने वाले सरहद पार के तस्कर सतनाम सिंह उर्फ सत्ता के साथ काम करते थे, जो कि हैरोइन और हथियारों की तस्करी के लिए पाक आधारित तस्करों के साथ के पास से जुड़ा हुआ था। उन्होंने यह भी खुलासा किया कि बीएसएफ का सिपाही राजेंद्र प्रसाद भी तस्करी रैकेट का हिस्सा था। बीएसएफ कांस्टेबल तरनतारन जिले के गाँव छीना में एक सरहदी चौकी में तैनात थी।
डीजीपी ने कहा कि उन्होंने बीएसएफ और राजस्थान में अपने हमरुतबा, डीजीपी बीएसएफ और डीजीपी राजस्थान के साथ संपर्क किया और उक्त बीएसएफ सिपाही की गिरफ़्तारी को यकीनी बनाने के लिए केंद्रीय एजेंसियाँ का सहयोग भी लिया, जिसको 28 जुलाई को पंजाब पुलिस ने गिरफ़्तार किया था। जो कि रावला मंडी स्थित अपनी रिहायश पर अपनी छुट्टी काट कर रहा था।
इस बार फिर सतनाम सिंह ने राजेंद्र प्रसाद, सुरमेल सिंह और गुरजंट सिंह के साथ मिल कर अपने पाक आधारित हैंडलरें से हेरोइन और हथियारों की एक ओर खेप लानी थी। सतनाम सिंह उर्फ सत्ता ने इस खेप की रसीद और प्रबंधन के लिए राजेंद्र प्रसाद को 5लाख रुपए और एक मोबाइल फ़ोन पहले दिया था।
डीजीपी ने बताया कि 24.5 लाख रुपए में से 15 लाख रुपए सतनाम सिंह की रिहायश से, 5 लाख रुपए बीएसएफ के कांस्टेबल से और 4.5 लाख रुपए गुरजंट सिंह के पास से बरामद किये गए हैं।

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