विवादों में फंसी लैब के तीन डाक्टरों की जमानत याचिका खारिज, मरीजों की फर्जी कोरोना पॉजीटिव रिपोर्ट देने का मामला
अमृतसर : प्राईम पंजाब
अमृतसर में मरीजों की फर्जी कोरोना पॉजीटिव रिपोर्ट मामले में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश सरबजीत सिंह धालीवाल की अदालत ने तुली लैब के मालिक डॉ. महिदंर सिंह, डॉ. रिधिमा तुली और डॉ. रोबिन तुली की जमानत की अर्जी खारिज कर दी है। वहीं, ईएमसी अस्पताल के मालिक व चेयरपर्सन पवन अरोड़ा, डॉ. पंकज सोनी और डॉ. संजय पिपलानी ने अपनी जमानत याचिकाएं वापस ले ली थीं। गत दिनों ये मामला काफी जोर शोर से उठा था। मामले के सभी छह आरोपितों को अब जमानत के लिए पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट में जमानत अर्जी लगानी होगी। हालांकि आरोपियों ने हाई कोर्ट में विजिलेंस द्वारा दर्ज की गई एफआइआर को चुनौती भी दे रखी है। उधर, पुलिस ने सभी आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए कई जगहों पर छापामारी की है, लेकिन सभी लोग गायब हो चुके हैं।कांग्रेस के पूर्व प्रवक्ता और समाज सेवी विक्की दत्ता की तरफ से तुली लैब और ईएमसी अस्पताल के उक्त गिरोह के खिलाफ आवाज उठाई गई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए सीएम कैप्टन अमरिदर सिंह के आदेश पर विजिलेंस ब्यूरो ने 23 जून की शाम उक्त छह लोगों के खिलाफ हत्या का प्रयास, डरा कर वसूली करना, षडय़ंत्र रचने के आरोप में मामला दर्ज किया था। यह मामला दर्ज होते ही सभी आरोपी अंडरगा गए थे। कुछ दिन पहले सीएम के आदेश पर मामले की जांच अमृतसर पुलिस को सौंप कर एसआइटी की गठन किया गया था। इसमें पुलिस कमिश्नर डॉ. सुखचैन सिंह, सिविल सर्जन डॉ. नवदीप सिंह और एडीसी डॉ. हिमांशु अग्रवाल को सदस्य बनाया गया था। बहुत से लोगों ने ऐसे संकट के समय भी उन्हें गलत रिपोर्ट दे कर उनका शोषण करने के आरोप लगाए थे।

