Metro Project की फाइल ट्रैक पर: प्रोजेक्ट पर कमेटी का स्टैंड क्लीयर, जानिए कैसे चलेगी ट्राईसिटी में मेट्रो रेल

चंडीगढ़। पब्लिक ट्रांसपोर्ट के लिए बेहतर और मजबूत विकल्प मिलने की आस फिर से जगने लगी है। सब ठीक रहा तो चंडीगढ़ में मेट्रो का सफर शुरू होगा। डंप मेट्रो प्रोजेक्ट की फाइल फिर से चल पड़ी है। एडवाइजर धर्म पाल ने आर्किटेक्ट डिपार्टमेंट के अधिकारियों को इस संबंध में आदेश दिए हैं। शहर में मेट्रो चल सकती है या मोनो रेल, स्काई बस बेहतर विकल्प है। इसके लिए पहले हेरिटेज कंजर्वेशन कमेटी से चर्चा होगी। उन्होंने आर्किटेक्ट डिपार्टमेंट को आदेश दिए हैं कि कमेटी की मीटिंग में यह देखा जाए कि मेट्रो, मोनो, स्काई बस जैसे विकल्प से शहर को कोई दिक्कत तो नहीं होगी।

जमीन के नीचे या एलिवेटिड मोड में कोई विकल्प चुना जाता है तो उससे कोई समस्या तो नहीं होगी। यह चर्चा शहर के हेरिटेज स्टेटस और मास्टर प्लान को देखते हुए होगी। हेरिटेज किसी प्रोजेक्ट में रोड़ा तो नहीं बनेगा यह कमेटी तय करेगी। हालांकि मास्टर प्लान में मेट्रो को पहले ही मंजूरी दी गई है। दूसरे विकल्पों के लिए कमेटी अपने सुझाव देगी। इसलिए कमेटी का मेट्रो पर स्टैंड लगभग क्लीयर माना जा रहा है। मास्टर प्लान में प्रावधान होने से इसमें किसी तरह की कोई अड़चन नहीं आएगी। दूसरे विकल्पों पर देखा जाएगा|

यूटी प्रशासन ने 2009 में राइट्स लिमिटिड कंपनी से ट्रैफिक फ्लो पर जो स्टडी कराई थी। अब प्रशासन ने इस स्टडी रिपोर्ट को अपडेट कराने का निर्णय लिया है। कंपनी के पास सभी तरह का डाटा मौजूद है इसलिए उनके एक्सपर्ट वर्तमान स्थिति को देखते हुए इसे अपडेट कर सकते हैं। कंपनी बताएगी कि वर्तमान में परिस्थितियां कितनी बदली हैं। कौनसा पब्लिक ट्रांसपोर्ट शहर के लिए सबसे बेहतर होगा। इस स्टडी में यह तक देखा गया था कि किस चौक पर 24 घंटे में कितने वाहन गुजरते हैं। किस ओर से ट्रैफिक का फ्लो सबसे अधिक है। इस दौरान ट्रिब्यून चौक से 24 घंटे में करीब एक लाख वाहन गुजरने की बात सामने आई थी। शहर के सभी प्रमुख मार्ग पर क्षमता से अधिक ट्रैफिक फ्लो की बात राइट्स की रिपोर्ट में है। अब तो हालात इससे भी बदतर हो चुके हैं।

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