भारत ने पड़ोसी देशों को भेजनी शुरू की वैक्सीन, भूटान के प्रधानमंत्री ने किया जोरदार स्वागत, जानें किसने क्या कहा
नई दिल्ली। दुनिया का सबसे बड़ा टीकाकरण अभियान शुरू करने के बाद भारत ने पड़ोसी देशों की मदद को लेकर भी कदम बढ़ा दिए हैं। भारत ने पड़ोसी देश भूटान और मालदीव को कोविड वैक्सीन की पहली खेप भेज दी है। भूटान और मालदीव में वैक्सीन की पहली खेप पहुंच भी गई है। भूटान के प्रधानमंत्री लोते शेरिंग ने भारत की ओर से भेजी गई खेप का जोरदार स्वागत किया। भूटान के प्रधानमंत्री के आधिकारिक ट्विटर हैंडलर से कुछ तस्वीरें साझा की गई जिनमें वह खुद कोविड वैक्सीन के कंसाइनमेंट के साथ नजर आ रहे हैं।
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने अपने ट्वीटर हैंडलन के जरिए एक तस्वीर साझा की है जिसमें टीके की पहली खेप पहुंचने के पहुंचने का दृश्य है। उन्होंने ट्वीट कर कहा कि भारत से वैक्सीन की पहली खेप मालदीव पहुंच गई है जो दोनों मुल्कों के बीच आपदी मित्रता को दर्शाता है। एक अन्य ट्वीट में उन्होंने कहा कि भारत की ओर से वैक्सीन की पहली खेप का दूसरे मुल्कों में पहुंचना पड़ोस प्रथम (NeighbourhoodFirst) का एक और उदाहरण है।
वहीं मालदीव के विदेश मंत्री अब्दुल्लाह शाहिद ने कहा कि भारत से मदद के तौर पर कोविड टीके की पहली खेप हासिल करके हम खुश हैं। आज हम एक उत्सव मनाने के लिए मिल रहे है। भारत सरकार की तरफ से मालदीव्स के लोगो को एक-लाख कोविड-19 वैक्सीन की खुराक का उपहार मिला है। भारत से कोविड-19 वैक्सीन हासिल करने वाले मुल्कों में मालदीव सबसे पहला देश है। भारत ने कहा था कि वह बुधवार से भूटान, मालदीव, बांग्लादेश, नेपाल, म्यांमार और सेशेल्स को मदद के तहत कोविड के टीकों की आपूर्ति करेगा।
भारत ने नेपाल को भी कोविड वैक्सीन भेजने का फैसला किया है। समाचार एजेंसी आइएएनएस के मुताबिक कोविड टीके की 10 लाख डोज काठमांडू पहुंचाई जानी है। नेपाल सरकार ने खुद इसकी जानकारी दी है। नेपाल के स्वास्थ्य मंत्री हृदयेश त्रिपाठी ने बताया कि भारत की ओर से नेपाल को कोविड वैक्सीन की 10 लाख डोज मिलने जा रही है। नेपाल के स्वास्थ्य मंत्री का कहना था कि वैक्सीन की पहली खेप जल्द ही काठमांडू पहुंचेगी।
गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बीते दिनों ट्वीट कर कहा था कि भारत विश्व समुदाय की स्वास्थ्य सेवा जरूरतों को पूरा करने के लिए एक भरोसेमंद सहयोगी बनकर सम्मानित महसूस कर रहा है। वहीं रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा था कि सीरम इंस्टीट्यूट और भारत बायोटेक की वैक्सीन केवल भारतवासियों को ही नहीं लगाई जाएंगी बल्कि दुनिया के दूसरे देशों को भी जल्दी ही निर्यात की जाएंगी। दुनिया के दूसरे देशों में जहां भी जरूरत होगी हम इसका निर्यात करेंगे। भारत केवल अपनी चिंता करने वाला देश नहीं है।

